जमीन में जम चुके पेड़ से क्या गिला कि उसने न हाल पूछा, न बाहें फैलाकर स्वागत किया या न ही हाथ बढ़ाकर पास बुलाया। बेगानेपन की शिकायत तो चिड़िया से होनी चाहिए जो इस पेड़ से उस पेड़, इस टहनी से उस टहनी तक फुदकती रहती है।और भीऔर भी

किसी अनोखे विचार पर गुमान पालना ठीक नहीं क्योंकि हम विचार को नहीं, विचार हमें चुनता है। आइंसटाइन का नाम गिलबर्ट भी हो सकता था और गैलीलियो का अब्राहम भी। इसलिए नाम नहीं, काम से वास्ता रखो दोस्त!और भीऔर भी