सब कसौटी पर
2012-04-07
खेमे पकड़ लेना सबसे आसान है। लेकिन खेमों से बाहर निकलकर सत्य का अनुसंधान बहुत कठिन है। खेमों में आस्था चलती है। आप बहुत कुछ मानकर चलते हैं। लेकिन यहां सब कुछ कसौटी पर कसा जाता है।और भीऔर भी
खेमे पकड़ लेना सबसे आसान है। लेकिन खेमों से बाहर निकलकर सत्य का अनुसंधान बहुत कठिन है। खेमों में आस्था चलती है। आप बहुत कुछ मानकर चलते हैं। लेकिन यहां सब कुछ कसौटी पर कसा जाता है।और भीऔर भी
हम व्यक्ति या वस्तु को जानकर नहीं, मानकर चलते हैं। परखने से पहले ही उन्हें किसी खांचे में कस लेते हैं और उसके हिसाब से अपेक्षाएं पाल लेते हैं। ऐसे में धोखा खाते हैं तो इसमें दोष हमारा भी है।और भीऔर भी
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