उद्यमी रिस्क ही रिस्क लेता है। स्टार्ट-अप वाले भी जुगाड़ टाइप रिस्क ही लेते हैं। आईआईएम या आईएमएम वाले सुरक्षित रिस्क लेते हैं। समझने की बात है कि ट्रेडर न तो उद्यमी है, न ही स्टार्ट-अप या फाइनेंस का मास्टर। उसका ट्रेड ऐसा है जिसमें बाज़ी बड़े बारीक अंतर से इधर से उधर चली जाती है। इसलिए उसे हिसाब लगाना पड़ता है कि इतना हारे, उतना जीते तो फायदे के लिए सौदे में रिस्क-रिवॉर्ड अनुपात कितना होनाऔरऔर भी

झूठ और लूट के इस दौर में कोई कोना पकड़कर जी लेना आसान है। हज़ारों-लाखों जिंदगियों को प्रभावित करनेवाला उद्यम खड़ा करना काफी कठिन है। लेकिन सबसे कठिन है झूठ और लूट के तंत्र को बेनकाब करते हुए सच्चे राष्ट्र का निर्माण।और भीऔर भी