धरती का घूमना हम भले ही न देख पाएं, लेकिन वह घूमती तो है। इसी तरह वर्तमान निरंतर चलता रहता है, बदलता है। उसे सही से समझना है तो उसकी गति व भविष्य को हमेशा ध्यान में रखना होगा।और भीऔर भी

बदलाव शाश्वत है। इसलिए दुख भी शाश्वत है क्योंकि बदलाव से यथास्थिति में मौज कर रहे लोगों को दुख होता है। बदलने वाले भी कष्ट पाते हैं। लेकिन नए की भावना उनकी सारी पीड़ा हर लेती है।और भीऔर भी

संविधान में संशोधन का अधिकार सिर्फ सरकार को है, जनता को नहीं। जनता जब संविधान में बदलाव की बात करती है तो राष्ट्रद्रोही तक करार दी जाती है। फिर, आखिर किन गणों का गणतंत्र है यह?और भीऔर भी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन अटकलों के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की कि इस सप्ताह के आखिर में केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है। सिंह से उनके आवास पर मिलने गईं सोनिया के साथ उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल भी थे। यह बैठक करीब दो घंटे तक चली। प्रधानमंत्री ने सोमवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात की थी। इसे हालांकि नियमित मुलाकात बताया गया, लेकिन ऐसे संकेत हैं कि इसऔरऔर भी

सब धान बाइस पसेरी तौलनेवाले पंसारी की दुकान चला सकते हैं, नया नहीं ला सकते। समाज, संस्था या कहीं भी बदलाव लाना हो तो पहले उसके आज को बड़ी बारीकी से गहना-समझना पड़ता है।और भीऔर भी

अवरुद्ध रंध्रों को खुल जाने दो। बंधे हुए बांधों को टूट जाने दो। ठहरे हुए झरनों को गिर जाने दो। आंधी आने को है। अबाध ऊर्जा का धमाका होने को है। सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। अवाम उठने को है। देश जगने को है।और भीऔर भी

हवाई जहाज से झुग्गियां भी ज्यामितीय आकार में सजी हुई दिखती हैं। पास आने पर असलियत खुलती है। दूर से दिखता है बस तमाशा। बदलना हो तो पास जाना पड़ता है, माइक्रोस्कोप तक से देखना पड़ता है।और भीऔर भी