ब्रेस्कॉन कॉरपोरेट एडवाइजर्स की एक बड़ी शेयरधारक फर्म पिंकी एक्जिबिटर्स प्रा. लिमिटेड ने गुरुवार को अपने 4,99,793 शेयरों में से 1,30,642 शेयर 102 रुपए के भाव पर बेच डाले। इन्हें तीन लोगों के नाम से खरीदा गया है। ये लोग हैं – रवींद्र कुमार तोशनीवाल (45,000 शेयर), रामेश्वर लाल तोशनीवाल (45,000 शेयर) और शालीन तोशनीवाल (40,642 शेयर)। केवल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड इस कंपनी के कुल 1,34,951 शेयरों के सौदे हुए जिसमें से डिलीवरी के लिएऔरऔर भी

शिवालिक बाईमेटल कंट्रोल्स का शेयर आज, गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 12.20 फीसदी उछला है। दिन में यह 35.80 रुपए पर भी गया जो इसके 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर जो इसने 27 अप्रैल 2010 को हासिल किया था। वैसे, करीब दो महीने से इसमें इसी तरह ऊपर-नीचे हो रहा है। 5 अप्रैल को जब हमने इसकी चर्चा की थी, तब इसका भाव था 29.95 रुपए। उसी समय बाजार में सुगबुगाहट चल रही थी किऔरऔर भी

इस सेटलमेंट में अब केवल एक दिन बचा है। लेकिन बाजार में और बढ़त आ सकती है केवल इसलिए कि अभी सौदों की स्थिति बहुत ही ज्यादा ओवरसोल्ड वाली है। कल का डर आपकी सोच के दरवाजे बंद कर देता है और आप एक अच्छा मौका गंवा देते हैं। वोलैटिलिटी सूचकांक, इंडिया वीआईएक्स का 20 फीसदी के सामान्य स्तर से एकबारगी 46 फीसदी पर पहुंच जाना ही दिखाता है कि बाजार पर किस हद तक डर छायाऔरऔर भी

ऑप्टो सर्किट्स (इंडिया) लिमिटेड सौ फीसदी निर्यातोन्मुख इकाई (ईओयू) है। यह डिजिटल थर्मोमीटर, सेंसर, पल्स ऑक्सीमीटर, पेशेंट मॉनीटरिंग सिस्टम, स्टेंट व कैथेटर जैसे कई हेल्थकेयर उत्पाद बनाती है। उसने 2006 में कार्डिएक स्टेंट बनानेवाली जर्मन कंपनी यूरोकोर का अधिग्रहण किया था। कल ही उसने अपने सालाना नतीजे घोषित किए हैं जिनके मुताबिक वित्त वर्ष 2009-10 में समेकित स्तर पर उसकी शुद्ध बिक्री 32 फीसदी बढ़कर 1077.58 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 23 फीसदी बढ़कर 260.07 करोड़ रुपएऔरऔर भी

पेट्रोनेट एलएनजी देश की बहुत खास कंपनी है। इसकी प्रवर्तक चार सरकारी कंपनियां हैं। गैल इंडिया, ओएनजीसी, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम। इन सभी की 12.5-12.5 फीसदी हिस्सेदारी मिलाकर कंपनी में प्रवर्तकों की कुल हिस्सेदारी 50 फीसदी हो जाती है। विदेशी संस्थागत निवेशक जीडीएफ इंटरनेशनल की इसमें 10 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी है तो एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की 5.20 फीसदी। कंपनी में एफआईआई की कुल हिस्सेदारी 10.11 फीसदी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 10649 करोड़औरऔर भी

अमेरिका में कंपनियों के नतीजे आने का दौर बीत गया और एस एंड पी इंडेक्स में शामिल कंपनियों की आय 17 फीसदी बढ़ी है, जबकि उम्मीद 14 फीसदी की ही थी। वहां बेरोजगारी की दर घटना शुरू हो गई है और हाउसिंग क्षेत्र में मांग बढ़ रही है। इस तरह अमेरिकी अर्थव्यवस्था उठान पर है और ग्रीस का संकट अमेरिका को आगे बढ़ने में मददगार होगा। भारतीय कंपनियों की भी आय अभी तक उम्मीद से बेहतर रहीऔरऔर भी

इस बार अक्षय तृतीया रविवार, 16 मई को पड़ रही है। इसलिए दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों, बीएसई और एनएसई ने इस दिन केवल गोल्ड ईटीएफ में ट्रेडिंग के लिए बाजार को सुबह 9 बजे से लेकर शाम 3.30 बजे तक खुला रखने का फैसला किया है। लेकिन ध्यान रहे कि इस विशेष सत्र में केवल गोल्ड ईटीएफ में ही ट्रेडिंग होगी, बाकी किसी भी प्रतिभूति में नहीं। अभी सात गोल्ड ईटीएफ शेयर बाजारों में लिस्टेड हैं। येऔरऔर भी

गिलैंडर्स आर्बुथनॉट का नाम ही बड़ा अटपटा है। यह है तो कोलकाता के जी डी कोठारी समूह की कंपनी। लेकिन इसकी स्थापना एफ एम गिलैंडर्स और जी सी आर्बुथनॉट ने साल 1819 में एक पार्टनरशिप फर्म के रूप में की थी। यह 1935 में प्राइवेट लिमिटेड और 1947 में पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनी। आजादी के बाद इसका स्वामित्व जी डी कोठारी समूह के पास आ गया। कंपनी चाय के बगानों से लेकर कंसट्रक्शन व रीयल एस्टेट, टेक्सटाइलऔरऔर भी

हमारा कंपनी अधिनियम किसी कंपनी मे स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति के बारे में कुछ नही कहता। लेकिन लिस्टिंग समझौते के अनुच्छेद-49 के अनुसार स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध हर कंपनी को अपने बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों को रखना जरूरी है। फिर भी स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध 130 कंपनियों ने इस नियम का पूरी तरह पालन नहीं किया है। इसमें से 83 कंपनियां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की हैं तो 47 कंपनियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की। यह जानकारीऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के बनाए लिस्टिंग समझौते के मुताबिक हर साल सभी लिस्टेड कंपनियों को 15 अप्रैल से पहले मार्च की तिमाही तक शेयरधारिता की ताजा स्थिति स्टॉक एक्सचेंजों के पास भेज देनी होती है और स्टॉक एक्सचेंजों को फौरन यह जानकारी अपनी वेबसाइट पर डाल देनी होती है। लेकिन आज 22 अप्रैल की तारीख बीतने वाली है, फिर भी कम से कम 25 कंपनियां ऐसी हैं जिनकी शेयरधारिता की ताजा जानकारी बीएसई और एनएसईऔरऔर भी