ऋद्धि सिद्धि ग्लूको बिऑल्स देश में स्टार्च और उस पर आधारित उत्पाद बनानेवाली सबसे बड़ी कंपनी है। वह लगभग 35 उत्पाद बनाती है जिसमें तरल ग्लूकोज, डेक्सट्रोज, मोनोहाइड्रेट और मक्के का स्टार्च पाउडर शामिल हैं। उसने हिंदुस्तान लीवर और ग्लैक्सो तक की कॉर्न प्रोसेसिंग इकाइयां अतीत में खरीदी हैं। अहमदाबाद में इसका मुख्यालय है और इसकी उत्पादन इकाइयां गोकाक (कर्नाटक), पंतनगर (उत्तराखंड) और वीरमगाम (गुजरात) में हैं। इसमें फ्रांस की बहुराष्ट्रीय कंपनी रोके फ्रेरे (Roquette Freres)  नेऔरऔर भी

फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज (एफआईएल) का शेयर हफ्ते भर पहले ही 14 जुलाई को 95.90 रुपए पर 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचा है। अभी यह 89.65 रुपए पर चल रहा है जो 2009-10 के ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 10.67 रुपए से 8.41 गुना है। इसी की जैसी अन्य कंपनियों में जैन इरिगेशन का पी/ई अनुपात 33.31 और सिंटेक्स इंडस्ट्रीज का पी/ई अनुपात 16.84 है। फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज के शेयर की बुक वैल्यू 47.23 रुपए है। इस तरह उसकेऔरऔर भी

मारुति सुजुकी का नाम ही काफी है। कंपनी पहली तिमाही के नतीजे इसी हफ्ते शनिवार 24 जुलाई को घोषित करने जा रही है। वित्त वर्ष 2009-10 में उसने 29,629 करोड़ रुपए की आय पर 2497.62 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। उसके पास 31 मार्च 2010 तक 11,690.6 करोड़ रुपए के रिजर्व थे। कंपनी की इक्विटी 144.46 करोड़ रुपए है। इसका 54.21 फीसदी हिस्सा जापानी कंपनी सुजुकी के पास और बाकी 45.79 फीसदी हिस्सा पब्लिक केऔरऔर भी

शासुन केमिकल्स एंड ड्रग्स (एससीडीएल) दुनिया में इबुप्रोफेन और गाबापेंटिन बनानेवाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। वह रैनिटिडाइन व नाइजैटिडाइन जैसी दवाओं की प्रमुख निर्माता है। उसने 2006 में ब्रिटेन में एक अधिग्रहण के बाद शासुन फार्मा सोल्यूशंस (एसपीएस) नाम की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सडियरी बना रखी है। 2009 से वह बायोटेक क्षेत्र में भी उतर चुकी है। उसके पास चेन्नई में अपनी आर एंड डी सुविधाएं हैं। वह अमेरिकी कंपनी वरटेक्स फार्मा को वीएस-950औरऔर भी

रमेश दामाणी बड़े ब्रोकर हैं। बाजार के उस्ताद हैं, खिलाड़ी हैं। 13 अप्रैल को एक चैट में उनसे पूछा गया कि सागर सीमेंट क्या 1-2 साल के लिए मल्टीबैगर (कई गुना रिटर्न देनेवाला) स्टॉक हो सकता है तो उन्होंने यह कहते इसमें खरीद की सलाह थी कि यह बहुत अच्छी तरह चलाई जा रही कंपनी है और इसके पीछे अच्छे उद्यमी हैं। उस दिन इसका बंद भाव बीएसई में 187.65 रुपए था। उसके बाद 26 अप्रैल कोऔरऔर भी

एक हफ्ते के भीतर ही पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के चेयरमैन सी बी भावे ने अपना वादा पूरा कर दिया और गुरुवार 15 जुलाई से शेयरों के डेरिवेटिव सौदों में फिजिकल सेटलमेंट की व्यवस्था अपना ली गई है। सेबी ने एनएसई और बीएसई के इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट के मुख्य अधिकारियों के नाम भेजे गए सर्कुलर में यह सूचना दी है। अब स्टॉक एक्सचेजों को इसे लागू करने के व्यावहारिक इंतजाम करने हैं। तय यह हुआ हैऔरऔर भी

बाजार में बहुत ज्यादा करेक्शन या गिरावट के आसार नहीं है क्योंकि रुझान खरीद का ही है जिससे बाजार ऊपर ही जाएगा। फिर भी हमारी सलाह है कि चुनिंदा खरीद ही करें। साथ-साथ दिमाग के किसी कोने में यह धारणा भी रखें कि बाजार गिर भी सकता है। मतलब निवेश करें, लेकिन पूरे चौकन्नेपन के साथ। जोखिम उठाएं, लेकिन नापतौल कर। वैसे भी शुक्रवार तक बाजार में तेज गति की उम्मीद न करें। गुरुवार को बाजार कमोबेशऔरऔर भी

निफ्टी में 14.5 अंक गिरावट आई और वह अब भी 5386.15 पर है। सेंसेक्स भी केवल 47.74 अंक गिरा और वह 17,938.16 पर टिका है। लेकिन बाजार में करेक्शन का सिलसिला चल निकला है क्योंकि अधिकांश खिलाड़ी सेंसेक्स के 18,000 के ऊपर पहुंचने पर मुनाफावसूली की राह पकड़ने का फैसला कर चुके हैं। मेरिल लिंच जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी ने तो ऑन रिकॉर्ड कह दिया है कि बाजार अभी काफी महंगा नजर आ  रहा है। इसलिए करेक्शन काऔरऔर भी

बीएएसएफ के बारे में सुबह लिखा और शाम तक वह 6.99 फीसदी बढ़कर 460.85 रुपए पर बंद हुआ। दिन में 10.25 फीसदी बढ़त के साथ ऊपर में 475 रुपए तक भी चला गया था। एकबारगी वोल्यूम भी नौ गुना हो गया। होता है, ऐसा होता है। लेकिन हमें इस चमत्कार में न पड़कर किसी शेयर में निवेश से पहले उस कंपनी की मूलभूत मजबूती देखनी चाहिए। ऐसी ही एक कंपनी है जेके टायर्स। नाम तो आपने हरऔरऔर भी

यूरोप के निवेशक जल्द ही भारतीय शेयरों पर भी दांव लगा सकेंगे। देश का सबसे पुराना शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) जर्मनी में फ्रैंकफर्ट स्थित डॉयचे बोर्स से बातचीत कर रहा है ताकि वहां बीएसई सेंसेक्स आधारित डेरिवेटिव सौदों की ट्रेडिंग शुरू की जा सके। जर्मन भाषा में बोर्स का मतलब बाजार या एक्सचेंज होता है। बीएसई के एक एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक डॉयचे बोर्स में में सेंसेक्स फ्यूचर्स और सेंसेक्स ऑप्शंस में कारोबार शुरूऔरऔर भी