फाइनेंस एक ऐसी चीज है जहां कभी भी पीछे नहीं, बल्कि हमेशा आगे देखते हैं। रिटायरमेंट की प्लानिंग से लेकर शेयरों के मूल्य-निर्धारण में यही दृष्टिकोण अपनाया जाता है। पैर यकीनन वर्तमान में रहते हैं, लेकिन निगाहें हमेशा भविष्य पर होती हैं।और भीऔर भी

समय कभी पीछे नहीं चलता। हर नई चीज पहले जैसी दिखती हुई भी उससे भिन्न होती है। नए की मांग अलग, नई समस्या का समाधान अलग। इसलिए पीछे मुड़कर न देखें क्योंकि यहां न तो पुराने कपड़ों और न ही पुराने विचारों से काम चलेगा।  और भीऔर भी