सारी दुनिया को अरसे से पता था कि चूंकि एस्ट्राज़ेनेका फार्मा इंडिया में विदेशी प्रवर्तक कंपनी की इक्विटी हिस्सेदारी 90 फीसदी है। इसलिए पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के दिशानिर्देशों के मुताबिक उसे जून 2013 तक इसे घटाकर 75 फीसदी पर लाना होगा। अन्यथा उसे शेयर बाजार की गलियां छोड़कर कंपनी को डीलिस्ट कराना होगा। लेकिन महीने भर पहले 6 मार्च को जब देश के सबसे बड़े आर्थिक अखबार इकनॉमिक टाइम्स ने पेज नंबर 12 की लीडऔरऔर भी