केंद्रीय उपभोक्ता मामलात मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक नेशनल कंज्यूमर हेल्पाइन पर शिकायतें दर्ज कराने में दिल्ली के बाद सबसे ज्यादा संख्या उत्तर प्रदेश के ग्राहकों की है। हो सकता है कि इनमें सबसे ज्यादा योगदान दिल्ली से सटे नोएडा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पड़नेवाले उत्तर प्रदेश के इलाकों का है। अप्रैल 2011 में नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन को ग्राहकों की कुल 10,170 शिकायतें मिलींष। साथ ही वेबसाइट पर 639 शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कराई गईं। कुलऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने अपनी निवेशक हेल्पलाइन सेवा का ठेका किसी बाहरी कंपनी को देने का फैसला किया है। इस कॉल सेंटर में 500 एजेंटों की जरूरत होगी जो आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) और ट्रेडिंग जैसे तमाम मामलों के बारे में निवेशकों के फोन का जवाब देंगे। इससे कुछ ही हफ्ते पहले भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों की शिकायतों के निपटाने का जिम्मा किसी अन्य कंपनी को देने का निर्णय किया था।औरऔर भी

सतर्कता प्रणाली को दुरुस्त करने और भ्रष्टाचार पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने मुख्य सतर्कता अधिकारियों के काम के आकलन समेत कई उपाय करने का निर्णय किया है। सीवीसी के अधिकारियों ने कहा कि आयोग ने सभी मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक इकाइयों और बैंकों समेत केंद्र सरकार के अन्य प्रतिष्ठानों को सतर्कता संबंधी सभी गतिविधियों को कड़ाई के साथ रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा मुख्यऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ग्राहक सेवाओं को लेकर बैंकों के प्रति अपना रुख कड़ा करनेवाला है। बहुत संभावना है कि सेबी के पूर्व चेयरमैन एम दामोदरन की अध्यक्षता में बैंकों की ग्राहक सेवाओं पर गठित समिति हफ्ते भर बाद 15 फरवरी को अपनी रिपोर्ट रिजर्व बैंक को सौंप देगी। वैसे, यह रिपोर्ट के आने में करीब दो हफ्ते की देर हो चुकी है क्योंकि रिजर्व बैंक ने 2 नवंबर 2010 को मौद्रिक नीति की दूसरी त्रैमासिक समीक्षा में कहाऔरऔर भी