दुनिया में इस समय हर तीन में से एक कामगार या तो बेरोजगार है या इतना नहीं कमा पाता कि ठीक से जीवनयापन कर सके। इस तरह दुनिया की कुल 3.3  अरब श्रमशक्ति में में ऐसे बेरोजगार या गरीब कामगारों की संख्या लगभग 1.1 अरब है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने जिनेवा में जारी अपनी ताजा सालाना रिपोर्ट ‘ग्लोबल एम्प्लॉयमेंट ट्रेंड्स 2012’ में यह बात कही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारों के तमाम प्रयासोंऔरऔर भी

सिक्किम में कोई सरकारी रोजगार कार्यालय नहीं हैं। इसे छोड़ दें तो देश के बाकी 34 राज्यों व संघशासित क्षेत्रों में 968 रोजगार कार्यालय हैं। दिसंबर 2007 तक इनमें पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 3.997 करोड़ थी। 31 मई 2010 तक यह घटकर 3.789 करोड़ पर आ गई है। श्रम व रोजगार मंत्री मल्लिकार्जुन खड़के के मुताबिक इन कार्यालयों के जरिए 2007 में 2.64 लाख, 2008 में 3.05 लाख और 2009 में 2.62 लाख लोगों को रोजगार दियाऔरऔर भी