कोल इंडिया भारतीय पूंजी बाजार के लिए बहुत कुछ नया लेकर आई है। वह लिस्टिंग के बाद देश में बाजार पूंजीकरण के लिहाज से चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। पहले दिन उसके शेयरों में आईपीओ के कुल आकार की 1.44 गुना ट्रेडिंग हुई। एनएसई और बीएसई के कैश सेमगेंट में इसके कुल 22,024.02 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। इसमें से एनएसई में हुआ कारोबार 15,699.92 करोड़ रुपए और बीएसई में 6324.10 करोड़ रुपए काऔरऔर भी

सांघवी मूवर्स (बीएसई कोड – 530073, एनएसई कोड – SANGHVIMOV) के साथ भारी समस्या यह है कि उसके स्टॉक में ज्यादा ट्रेडिंग नहीं होती। जैसे, कल बीएसई में उसके केवल 1459 शेयरों के सौदे हुए हैं और पिछले दो हफ्ते का औसत कारोबार 4227 शेयरों का रहा है। इसी तरह एनएसई में कल इसके मात्र 2825 शेयरों में कारोबार हुआ है जिसमें से 1782 या 63.08 फीसदी शेयर ही डिलीवरी के लिए थे। बीएसई के बी ग्रुपऔरऔर भी

जिस शेयर का ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 1.79 रुपए हो और वह इससे 145.10 गुना या पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा हो, उसे कोई क्यों खरीदे? वह भी तब जब पूरे बाजार का औसत पी/ई 21 के आसपास हो? लेकिन आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज ने आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर को खरीदने की सिफारिश की है। उसका कहना है कि यह शेयर तीन महीने के भीतर बढ़कर 293 रुपए तक जा सकता है। कल यहऔरऔर भी

हमारा मानना है कि बीएसई सेंसेक्स दीवाली पर ज्यादा नहीं तो 21,000 तक जरूर जा सकता है। देखते हैं कि ऐसा होता है या नहीं। कोल इंडिया के आईपीओ से मिले रिफंड और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की टीम में शामिल 200 सीईओ बाजार में नई पूंजी प्रवाह का जरिया बनेंगे। जब हमने शुक्रवार को निफ्टी में 5986 पर खरीद की कॉल पेश की तो सभी लोगों ने हमें फिर से पागल करार देने की कोशिश की।औरऔर भी

दुनिया की सबसे बड़ी पीसी चिप निर्माता इंटेल ने क्लाउड कंप्यूटिंग को अपनाने का खाका तैयार करने के लिए बीएमडब्ल्यू, लोकहीड मार्टिन तथा जेपी मार्गन चेज जैसी कंपनियों से गठजोड़ किया है। यह जानकारी इंटेल की तरफ से शुक्रवार को दी गई। ओपन डेटा सेंटर एलायंस (ओडीसीए) नाम के इस गठजोड़ में बीएसई सहित 70 कंपनियां हैं। भारत से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज व सीटीआरएलएस इसमें शामिल है। यह गठजोड़ भविष्य में क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए हार्डवेयर वऔरऔर भी

एमआरपीएल (मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड) ने कल ही अपने तिमाही नतीजे घोषित किए हैं और ये नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। कंपनी का 13,964 करोड़ रुपए का विस्तार कार्यक्रम भी समय से आगे चल रहा है। फिर भी उसका शेयर दो फीसदी से ज्यादा गिरकर एनएसई (कोड – MRPL) में 82.30 रुपए और बीएसई (कोड – 500109) में 82.50 रुपए पर बंद हुआ। पिछले चार महीने से वो 75 से 85 रुपए के बीच डोल रहाऔरऔर भी

इंडोको रेमेडीज ने हफ्ते भर पहले दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं और ये नतीजे उम्मीद के बेहतर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले पांच कारोबारी सत्रों में उसका शेयर 430.10 रुपए से बढ़कर 519.90 रुपए तक जा चुका है। हालांकि कल बीएसई में बंद हुआ 505.50 रुपए पर। इस तरह चंद दिनों में यह शेयर करीब 20 फीसदी की बढ़त ले चुका है। आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज की रिसर्च रिपोर्ट कहती है कि यह शेयर आरामऔरऔर भी

माइक्रो टेक्नोलॉजीज (इंडिया) लिमिटेड की कीमत बाजार अभी नहीं समझ रहा। उसकी बुक वैल्यू 284.93 रुपए है, जबकि शेयर चल रहा है 206.75 रुपए पर। उसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर भी बुक वैल्यू से कम 228.60 रुपए रहा  है। कंपनी ने 2009-10 में 310.22 करोड़ रुपए की आय पर 63.64 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था और उसका ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 57.92 रुपए था। जून 2010 की तिमाही में उसने 82.39 करोड़ रुपए कीऔरऔर भी

बाजार में निवेश का निर्णय कई पहलुओं से जुड़ा हुआ है। जैसे, अगर हम इंडियाबुल्स रीयल एस्टेट (बीएसई कोड – 532832, एनएसई कोड – IBREALEST) का मामला लें तो इसका प्रति शेयर लाभ (ईपीएस) और पी/ई अनुपात इसमें कतई निवेश की इजाजत नहीं देता। इसका ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस 1.12 रुपए है। शेयर कल बीएसई में 2.07 फीसदी बढ़कर 209.65 रुपए पर बंद हुआ है। इस तरह उसका पी/ई अनुपात निकलता है 187.36। इतनेऔरऔर भी

हमने इसी कॉलम में 6 अगस्त की सुबह बाजार खुलने से पहले जब बिलकेयर लिमिटेड (बीएसई कोड – 526853) के बारे में लिखा था, तब पिछली शाम 5 अगस्त, गुरुवार को उसका बंद भाव 474.30 रुपए था। तब तक उसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 600 रुपए था और एचडीएफसी सिक्यूरिटीज की रिसर्च रिपोर्ट के हवाले हमने बताया था कि यह शेयर एक साल के भीतर 615 रुपए तक जा सकता है। लेकिन इसमें तो कमाल होऔरऔर भी