हमारे वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा एक साथ तीन-तीन रोल निभा रहे हैं। वे उद्योग मंत्री भी हैं और कपड़ा मंत्री भी। उद्योग को छोड़ दें तो बाकी दो भूमिकाओं में वे बराबर कुछ न कुछ बोलते और करते रहते हैं। अब उन्होंने विदेश व्‍यापार नीति (2009-14) के तहत कपड़ा उद्योग के लिए विभिन्‍न प्रोत्‍साहनों की घोषणा कर दी है। यह क्षेत्र विश्व स्‍तर पर आर्थिक अनिश्चितता और घरेलू स्‍तर पर दबाव की दोहरी मार झेल रहा है।औरऔर भी

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कॉटन और कॉटन यार्न पर डीईपीबी (ड्यूटी इनटाइटलमेंट पासबुक) स्कीम की सुविधा पूर्व तिथि से बहाल कर दी है। वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने बताया कि कॉटन यार्न पर यह सुविधा 1 अप्रैल 2011 और कॉटन पर 1 अक्टूबर 2010 से बहाल की गई है। उन्होंने कहा, “मैं पिछले कुछ दिनों में कॉटन व कॉटन यार्न उद्योग की स्थिति की समीक्षा की। इन दोनों ही उद्योग क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय व घरेलू बाजारऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2011-12 के पहले दो महीनों में दलहन की खेती करने वाले 60,000 वर्षा आधारित गांवों को प्रोत्‍साहित करने के लिए विभिन्‍न राज्‍यों को 109.9 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। इसमें गुजरात, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु को कोई रकम नहीं दी गई गै। यह कार्यक्रम राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) का हिस्‍सा है, जिसके लिए 300 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। आवंटित और जारी की गई रकम (करोड़ रुपए में)औरऔर भी