हम नहीं, वो भी
हम अपनी समस्याओं को लेकर इतने आक्रांत रहते हैं कि होश ही नहीं रहता कि दूसरे की समस्याएं क्या हैं। अरे बंधु! ध्यान रखें कि इस जहान में समस्याओं से मुक्त कोई नहीं। हां, सबकी समस्याओं की सघनता और स्तर जरूर अलग-अलग है।और भीऔर भी
हम अपनी समस्याओं को लेकर इतने आक्रांत रहते हैं कि होश ही नहीं रहता कि दूसरे की समस्याएं क्या हैं। अरे बंधु! ध्यान रखें कि इस जहान में समस्याओं से मुक्त कोई नहीं। हां, सबकी समस्याओं की सघनता और स्तर जरूर अलग-अलग है।और भीऔर भी
यूं तो प्रतिभा और सत्ता में कोई सीधा रिश्ता नहीं। लेकिन अगर आप प्रतिभाहीन है तो सत्ता से इसकी भरपाई कर सकते हैं। सत्ता मिलते ही आपके इर्दगिर्द इतने दुम हिलानेवाले जुट जाएंगे कि आपको कभी भान ही नहीं होगा कि आप में प्रतिभा नहीं है।और भीऔर भी
जीने के साधनों की सौदेबाज़ी में ज़िंदगी इस कदर निचुड़ जाती है कि हम जीने लायक ही नहीं बचते। हालांकि चाहें तो हम इनके बगैर भी मजे से जी सकते हैं। इसके लिए दो ज़रूरी चीजें हैं प्यार और प्रकृति, जहां सिर्फ समर्पण चलता है, सौदेबाज़ी नहीं।और भीऔर भी
संत हो या संसारी या हो कलाकार, हर कोई बेचने में जुटा है। इसके बिना किसी का गुजारा नहीं। सत्ता का प्रश्रय भी उसे ही मिलता है जिससे सत्ता को चलाने का तुक मिलता है। आज तो भिखारी भी वही सफल है जो अपनी दयनीयता को बेच लेता है।और भीऔर भी
वही लोग, वही रिश्ते, वही राहें, वही मुश्किलें। ये सब भयावह हैं या सहयोगी, यह हमारे नजरिये पर निर्भर है। ऐसे देखो तो हिम्मत तोड़कर वे हमें अवसाद का शिकार बना सकती हैं। वैसे देखो तो वे ललकार कर हमारे सोये बल को जगा सकती हैं।और भीऔर भी
प्राण मरने पर ही शरीर नहीं छोड़ता, बल्कि जीवित रहते हुए भी प्राण तत्व घटता रहता है। पस्तहिम्मती और आत्मबल के डूबने के रूप में सामने आता है यह। हां, इस दौरान मृत्यु के जबड़े से जीवन को खींच लेने का विकल्प हमारे सामने खुला रहता है।और भीऔर भी
दुनिया में कुछ भी स्थाई नहीं। न मौसम और न ही सरकार। ज़िंदगी में भी कुछ स्थाई नहीं। न सुख और न ही दुख। सब कुछ निरंतर बदलता रहता है। इसलिए जीवन में सफलता से आगे बढ़ने का एक ही तरीका है कि हम इस सच को स्वीकार कर लें।और भीऔर भी
जब तक नौकरी का दबाव, तब तक अपने काम का समय नहीं। जब नौकरी से मुक्त होकर अपने काम की फुरसत, तब नौकरी की नियमित आय के रुक जाने से उपजी असुरक्षा और घबराहट। मतलब, काम तो दबाव के बीच ही हो सकता है।और भीऔर भी
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