यूरोज़ोन एक ऐतिहासिक परियोजना है। भारत चाहता है कि यूरोज़ोन फले-फूले क्‍योंकि यूरोप की खुशहाली में ही हमारी खुशहाली है। यह कहना है कि हमारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का। फ्रांस में पर्यटन के लिए मशहूर रिविएरा इलाके के सबसे अच्छे शहर कान में हो रहे रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले बुधवार को प्रधानमंत्री ने यह बात कही। दो दिन का यह सम्मेलन गुरुवार-शुक्रवार (3-4 नवंबर) को होना है। जर्मन चांसलर एंजेला मैर्केल,औरऔर भी

सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुद्रास्‍फीति को काबू में रखकर ऊंची विकास दर को बराबर बनाए रखना है। यह मानना है कि हमारे अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का। उन्होंने रविवार को राजधानी दिल्ली में राज्यपालों के सम्मेलन में कहा कि हाल के महीनों में खाद्य वस्‍तुओं की कीमतों का बढ़ना चिंता का मसला है। उन्‍होंने कहा कि‍ सरकार और रि‍जर्व बैंक मुद्रास्‍फीति‍ को कम करने के लि‍ए वि‍त्‍तीय और मौद्रि‍क उपाय जारी रखेंगे। रिजर्व बैंक मार्चऔरऔर भी

अभी तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) जैसी संस्थाएं ही खुद को लोकपाल के अधीन लाए जाने का विरोध कर रही थी। लेकिन अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी साफ कर दिया है कि लोकपाल का गठन हो जाने के बाद भी सीबीआई स्वतंत्र रूप से काम करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में सीबीआई और राज्यों के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के 18वें द्विवार्षिक सम्मेलन में कहा, “हमें आशा है किऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि सूचना अधिकार कानून में कोई ढील नहीं दी जाएगी। सरकार पारदर्शिता के लिए सूचना के अधिकार को और अधिक कारगर हथियार बनाना चाहती है लेकिन वह कुछ चिंताओं पर ध्यान देने के लिहाज से उसकी गहन समीक्षा भी करना चाहती है। गौरतलब है कि सरकारी महकमे के कुछ लोग और केंद्रीय मंत्री तक इस पारदर्शिता कानून में संशोधन की मांग करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि यहऔरऔर भी

अर्थव्यवस्था के बढ़ने की दर के अनुमानों पर लगता है, जैसे कोई जंग छिड़ी हुई है। उधर अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स की भारतीय सब्सिडियरी क्रिसिल ने इस साल देश के आर्थिक विकास दर का अनुमान 8 फीसदी से घटाकर 7.6 फीसदी कर दिया, इधर सीधे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आश्वस्त करना पड़ा कि दुनिया में आर्थिक सुस्ती के बावजूद हम इस साल करीब आठ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर लेंगे। बता दें कि अगस्तऔरऔर भी

करीब दो हफ्ते से देश में छिड़ा 32-26 का विवाद आखिरकार अपना रंग ले आया। तय हुआ है कि अभी गरीबी रेखा का जो भी पैमाना है और योजना आयोग राज्यवार गरीबी का जो भी अनुमान लगाए बैठा है, आगे से उसका कोई इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में गरीबों की आर्थिक मदद के लिए बनी केंद्र सरकार की योजनाओं या कार्यक्रमों में नहीं किया जाएगा। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोटेंक सिंह अहूवालिया और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयरामऔरऔर भी

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे सिर्फ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के बाद ही 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मुद्दे पर वित्त मंत्रालय के नोट पर कुछ बोलेंगे। वित्त मंत्री कल बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलनेवाले हैं। प्रणब ने मंगलवार को कोलकाता में अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं वही दोहरा रहा हूं जो मैंने न्यूयॉर्क और दिल्ली में कहा। यदि आरटीआई आवेदन के जरिए हासिल किएऔरऔर भी

तिहाड़ जेल में बंद पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने सोमवार को दिल्ली की एक अदालत में मांग की कि पूर्व वित्त मंत्री और वर्तमान गृह मंत्री पी चिदंबरम को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में बुलाया जाना चाहिए और उनसे गवाह के तौर पर पूछताछ की जानी चाहिए। राजा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील कुमार ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश न्यायमूर्ति ओ पी सैनी से कहा कि एजेंसी को कैबिनेट की एक बैठक के संदर्भऔरऔर भी

टीम अण्णा देश में जन आंदोलन की नई तैयारी में जुट गई है। इस सिलसिले में अण्णा हज़ारे के गांव रालेगण सिद्धि में उनका दो दिन का जमावड़ा शनिवार से शुरू हो गया। पहले दिन की बैठक में तय हुआ है कि भूमि अधिग्रहण, चुनाव सुधार, जन प्रतिनिधियों को वापस बुलाने और उन्हें खारिज करने के अधिकार समेत सांसदों के प्रदर्शन का लेखा-जोखा कराने के संबंध में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखेंगे। भूमि अधिग्रहण जैसे संवेदनशीलऔरऔर भी

अण्णा हज़ारे के नौ दिनों के अनशन ने कांग्रेस ही नहीं, सभी राजनीतिक पार्टियों की नींद हराम कर दी है। उन्होंने बुधवार को हुई सर्वदलीय बैठक में अण्णा से अनशन खत्म करने की अपील तो की है। लेकिन उन्हें न तो टीम अण्णा की शर्तें मंजूर हैं और न ही जन लोकपाल बिल। यही वजह है कि राजधानी दिल्ली में सात रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री आवास पर हुई सभी दलों की बैठक बेनतीजा साबित हुई। असल मेंऔरऔर भी