राजद्रोह का मतलब राष्ट्रद्रोह नहीं होता। हालांकि हर सरकार यही बताने की कोशिश करती है। लेकिन राष्ट्र किसी भी राज से बहुत-बहुत ऊपर होता है। जो इस बात को समझता है, वही सच्चा देशभक्त है।और भीऔर भी

दूसरों को अपने जैसा समझना पहले भी गलत था, आज भी गलत है। आप सच्चे हो, अच्छा है। लेकिन सामनेवाला इंसान नेवला है कि भेड़िया, गाय है कि गोजर – यह तो आपको देखना ही पड़ता है।और भीऔर भी

हमारे जमाने का दस्तूर ही ऐसा है कि एक के नुकसान में दूसरे का फायदा है। हर मोड़ पर ठग लूटने के लिए तैयार बैठे हैं। हमारा बाजार अभी बहुत कच्चा है। इसलिए ज्यादा सच्चा होना अच्छा नहीं।और भीऔर भी

सेल्समैन होने में कोई बुराई नहीं। हम सभी सेल्समैन ही तो हैं। बचपन से लेकर बड़े होने तक अपनी बातें, अपनी जिद ही तो बेचते रहते हैं। हां, बस इतना है कि हमको वही बेचना चाहिए जिस पर खुद हमें पूरा यकीन हो।और भीऔर भी