दवा कंपनी रेनबैक्सी लैबोरेटरीज के सीएफओ (चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) ओमेश सेठी ने त्यागपत्र दे दिया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को गुरुवार को यह सूचना दे दी। कंपनी ने कहा है कि, ‘‘कंपनी के प्रेसिडेंट व सीएफओ ओमेश सेठी ने 25 जनवरी 2011 से कंपनी से इस्तीफा दे दिया है।’’ हालांकि कंपनी ने उनके इस्तीफे के कारणों का उल्लेख नहीं किया है। बता दें कि पिछले साल 19 अगस्त को ही कंपनी ने ओमेश सेठी को सीएफओऔरऔर भी

इनफोसिस टेक्नोलॉजीज ने कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों का आगाज कर दिया। कंपनी की आय 23.8 फीसदी और शुद्ध लाभ 14.2 फीसदी बढ़ गया है। लेकिन बाजार इससे ज्यादा उम्मीद लगाए बैठा था। इसलिए इनफोसिस के शेयर गुरुवार को करीब पांच फीसदी गिर गए। कंपनी ने 31 दिसंबर 2010 को खत्म तिमाही में समेकित आधार पर 7106 करोड़ रुपए की आय हासिल की है जो सितंबर तिमाही से 2.3 फीसदी और पिछले साल भर की दिसंबरऔरऔर भी

देश की इकलौती लिस्टेड माइक्रो फाइनेंस कंपनी एसकेएस माइक्रोफाइनेंस का शेयर गुरुवार को तीखी गिरावट के साथ 20 फीसदी के निचले सर्किट ब्रेकर तक पहुंच गया। वो 639.45 रुपए की तलहटी बनाने के बाद 640.70 रुपए पर बंद हुआ जो मंगलवार के आखिरी भाव से 19.84 फीसदी नीचे है। यह जबरदस्त गिरावट सबह-सुबह कंपनी की तरफ से जारी बयान के बाद आई कि आंध्र प्रदेश में 15 अक्टूबर को अध्यादेश आने के बाद से 15 नवंबर तकऔरऔर भी

टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी इनफोसिस टेक्नोलॉजीज ने नए कर्मचारियों की नियुक्ति की मुहिम तेज कर दी है। उसने इस वित्त वर्ष में जून-सितंबर की दूसरी तिमाही में 14,264 नए कर्मचारी भर्ती किए हैं। लेकिन इस दौरान उसके 6618 कर्मचारी छोड़कर चले गए। इसलिए कर्मचारियों की संख्या में वास्तविक इजाफा 7646 का ही हुआ। इसे मिलाकर 30 सितंबर तक इनफोसिस के कुल कर्मचारियों की संख्या 1,22,468 हो गई है।औरऔर भी

जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर ने अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस इंफ्राटेल के साथ दूरसंचार टावर कारोबार के विलय सौदे को रद्द कर दिया है। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को सोमवार को सूचना दी कि दोनों पक्षों के बीच गैर-बाध्यकारी समझौता 27 जून 2010 को हुआ था और यह 31 अगस्त 2010 को समाप्त हो गया। कंपनी ने कहा है कि तमाम प्रयासों के बावजूद दोनों कंपनियों ने न तो इस समझौते को आगे बढ़ाया और नऔरऔर भी

हिन्डेनबर्ग की अशुभ छाया का डर बरकरार है। पूरे सितंबर भर रहेगा। दुनिया के बाजार गिरेंगे तो स्वाभाविक रूप से भारत पर भी असर पड़ेगा। वैसे भी हमारे एक बड़े फंड हाउस के प्रमुख कह चुके हैं कि बाजार में 10 फीसदी करेक्शन आना है। लेकिन कौन बेचेगा जिसके चलते यह करेक्शन आएगा? बीते शुक्रवार को बाजार (बीएसई सेंसेक्स) 1.25 फीसदी गिर गया। इस हिसाब से फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सौदों के ओपन इंटरेस्ट में कमी आनी चाहिएऔरऔर भी

इधर बॉम्बे डाईंग से लेकर रेमंड, सेंचुरी टेक्सटाइल, आलोक इंडस्ट्रीज और प्रोवोग जैसी कई टेक्सटाइल कंपनियों की जमीन का हिसाब-किताब निकाला जा रहा है और पंटर भाई लोग मान रहे हैं कि जमीन से इन कंपनियों में छिपा हुआ मूल्य निकलकर सामने आएगा और इनके शेयर नई पेंग भरेंगे। पिछले दिनों इनके शेयर बढ़े भी हैं। इसलिए नहीं कि उनके मूल व्यवसाय में कोई शानदार चीज हो गई है, बल्कि इसलिए कि इनके पास काफी जमीन हैऔरऔर भी

रोल्टा इंडिया (बीएसई कोड – 500366, एनएसई कोड – ROLTA) के शेयर का भाव अभी बीएसई में 173.60 रुपए और एनएसई में 174.20 रुपए चल रहा है। इसकी बुक वैल्यू 118.10 रुपए है, जबकि ठीक पिछले बारह महीनों का (टीटीएम) ईपीएस 22.36 रुपए है। इस तरह यह शेयर 7.76 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है, जबकि आईटी सॉफ्टवेयर उद्योग की अन्य प्रमुख कंपनियों में विप्रो का पी/ई अनुपात 14.03, टीसीएस का 38.12 और इनफोसिस काऔरऔर भी

इस पल की बात करें तो पावर ग्रिड, सेंचुरी, आईएफसीआई, आईडीबीआई और एचडीआईएल मेरे सबसे पसंदीदा स्टॉक हैं। खासकर पावर ग्रिड जो बहुत जल्द ही 135 रुपए का स्तर छूने वाला है। आईएफसीआई के बारे में मैंने कहा ही था कि सरकार आगे बढ़कर कह सकती है कि वह इसके बांडों को इक्विटी में नहीं बदलने जा रही। ऐसा ही हुआ। नॉर्थ ब्लॉक (वित्त मंत्रालय) के सूत्रों ने इस मसले से जुड़े हमारे विश्लेषकों को बताया हैऔरऔर भी

सरकारी कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन बिजली ट्रांसमिशन से जुड़े अपने टावरों की बची जगह टेलिकॉम कंपनियों को लीज पर देने जा रही है। इससे उसे बिना कुछ अतिरिक्त खर्च किए नई आय मिलने लगेगी। इसलिए अब कंपनी का मूल्यांकन नए सिरे से हो सकता है और उसके शेयरों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनी की इस योजना को उसके निदेशक बोर्ड ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह जानकारी खुद कंपनी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशकऔरऔर भी