खून की एक बूंद सारा भेद खोल देती है कि शरीर का कौन-सा अंग कैसा काम कर रहा है? लीवर में क्या समस्या है और किडनी का हाल क्या है? लेकिन व्यक्तियों से बने समाज में क्या व्यक्ति वो इकाई है जो समाज के बीमार अंगों का भेद खोल सके?और भीऔर भी

गुरुत्वाकर्षण और विद्युत चुम्बकीय शक्तियों से ही पूरी सृष्टि चलती है। बाकी सारी शक्तियां इन्हीं का कोई न कोई रूप हैं। इनके अलावा कोई अदृश्य शक्ति नहीं। ये शक्तियां नियमबद्ध होकर चलती हैं। कभी व्यक्ति-व्यक्ति का भेद नहीं करतीं।और भीऔर भी