अमेरिका का डाउनग्रेड होना चाहिए था या नहीं, यह अब बहस का नहीं, इतिहास का मसला बन चुका है क्योंकि एस एंड पी उसकी संप्रभु रेटिंग को डाउनग्रेड कर एएए से एए+ पर ला चुकी है। हो सकता है कि एएए रेटिंग वाले दूसरे देशों को भी बहुत जल्द ही डाउनग्रेड कर दिया जाए। लेकिन क्या इस तरह के डाउनग्रेड से सब कुछ खत्म हो जाता है? ऐसा कतई नहीं है। दुनिया और बाजार चलते रहे हैं,औरऔर भी

ऋद्धि सिद्धि ग्लूको बिऑल्स देश में स्टार्च और उस पर आधारित उत्पाद बनानेवाली सबसे बड़ी कंपनी है। वह लगभग 35 उत्पाद बनाती है जिसमें तरल ग्लूकोज, डेक्सट्रोज, मोनोहाइड्रेट और मक्के का स्टार्च पाउडर शामिल हैं। उसने हिंदुस्तान लीवर और ग्लैक्सो तक की कॉर्न प्रोसेसिंग इकाइयां अतीत में खरीदी हैं। अहमदाबाद में इसका मुख्यालय है और इसकी उत्पादन इकाइयां गोकाक (कर्नाटक), पंतनगर (उत्तराखंड) और वीरमगाम (गुजरात) में हैं। इसमें फ्रांस की बहुराष्ट्रीय कंपनी रोके फ्रेरे (Roquette Freres)  नेऔरऔर भी

हालांकि बाजार निफ्टी के 5400 के स्तर के आसपास कायदे से डटा हुआ है। लेकिन मुझे लगता है कि 5400 के ऊपर जाने से पहले यह 5300 तक नीचे आता तो इसे ज्यादा पुख्ता व स्वस्थ आधार मिल जाता। वैसे, 5200 और 5300 पर पुट (बेचने) ऑप्शन सौदों के वोल्यूम और ओपन इंटरेस्ट की मौजूदा स्थिति दिखाती है कि रोलओवर शुरू होने से पहले बाजार में थोड़ा करेक्शन आएगा। मारुति सुजुकी का स्टॉक बाजार को चौंका सकताऔरऔर भी

अब लगभग यह पक्का हो गया है कि डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग्स अपनी आईपीएल टीम डेक्कन चार्जर्स को अडानी समूह को बेचने जा रही है। इसके लिए उसने 30 करोड़ डॉलर का दाम लगाया है। दोनों के बीच बातचीत काफी आगे पहुंच चुकी है और सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। इस सीधा असर चेन्नई सुपर किंग्स की मालिक कंपनी इंडिया सीमेट्स के शेयरों पर पड़ेगा क्योंकि इससे उसका मूल्यांकन बढ़ जाएगा। डेक्कनऔरऔर भी

बीएएसएफ के बारे में सुबह लिखा और शाम तक वह 6.99 फीसदी बढ़कर 460.85 रुपए पर बंद हुआ। दिन में 10.25 फीसदी बढ़त के साथ ऊपर में 475 रुपए तक भी चला गया था। एकबारगी वोल्यूम भी नौ गुना हो गया। होता है, ऐसा होता है। लेकिन हमें इस चमत्कार में न पड़कर किसी शेयर में निवेश से पहले उस कंपनी की मूलभूत मजबूती देखनी चाहिए। ऐसी ही एक कंपनी है जेके टायर्स। नाम तो आपने हरऔरऔर भी

मई का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) बाजार की उम्मीद से कम हैं। फिर भी बाजार में किसी करेक्शन/गिरावट का अंदेशा नहीं है। भरपूर बारिश, अच्छा कर संग्रह, खाद्यान्नों के उत्पादन में बढोतरी, ठोस राजकोषीय मजबूती, बाजार में शेयरों के मालिकाने का स्वरूप और ज्यादा से ज्यादा शेयरों की मात्रा को पचाने की क्षमता… ये सब ऐसे कारक हैं जो सेंसेक्स को 21,000 तक ले जा सकते हैं। आज यह सूचकांक 18,000 अंक के जादुई आंकड़े से ऊपरऔरऔर भी