सुब्रोस के साथ तीन टेक्निकल पैबंद

सुब्रोस लिमिटेड पच्चीस साल पुरानी कंपनी है। इसे 1985 में जापान की सुजुकी कॉरपोरेशन और डेंसो कॉरपोरेशन ने सूरी बंधुओं के साथ मिलकर बनाया था। रमेश सूरी कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन हैं और श्रद्धा सूरी उसकी प्रबंध निदेशक है। कंपनी कार से लेकर बसों तक के एसी बनाती है। उसके पास देश में ऑटो एयर कंडीशनिंग सिस्टम बनाने की सबसे बड़ी और इकलौती एकीकृत इकाई है। उसके तीन संयत्र नोएडा (उ.प्र.), मानेसर (हरियाणा) और पुणे (महाराष्ट्र) में हैं। इस समय कंपनी साल भर में 10 लाख एसी बना रही है। वह अपना माल मुख्य रूप से मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को सप्लाई करती है।

जिस तरह से हमारा ऑटो उद्योग बढ़ रहा है, उसमें सुब्रोस को शायद भी कभी रेफ आए। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 906.60 करोड़ रुपए के कारोबार पर 27.73 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है और उसका ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 4.62 रुपए है। आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज का आकलन है कि इसका ईपीएस चालू वित्त वर्ष 2010 में 5.6 रुपए और अगले वित्त वर्ष 2011-12 में 6.7 रुपए हो सकता है। कल यह शेयर बीएसई में 46.45 रुपए पर बंद हुआ है। शेयर का अंकित मूल्य 2 रुपए है और यह बीएसई के एस ग्रुप में शुमार है। इसकी बुक वैल्यू अभी 35.29 रुपए है। इस तरह इसका शेयर भाव बुक वैल्यू से करीब डेढ़ गुना है।

इस समय यह शेयर 10.05 पी/ई पर ट्रेड हो रहा है। अगर इसी पी/ई अनुपात को आधार बनाएं तो इसका शेयर आराम से साल भर के भीतर 60 रुपए के ऊपर जा सकता है। यानी इसमें 30 फीसदी से ज्यादा रिटर्न देने की संभावना है। सुब्रोस यकीकन इस भाव पर निवेश करने लायक शेयर है। कंपनी में आगे विकास की काफी संभावनाएं हैं। इसलिए चार-पांच साल या इससे ज्यादा अवधि के लिए इसमें पैसा लगाया जा सकता है। सुब्रोस एनएसई में भी लिस्टेड है जहां इसका अंतिम भाव सोमवार को 46.30 रुपए रहा है।

आखिर में कुछ टेक्निकल एनालिस्टों का अनुमान। यूफ्लेक्स अभी 114.15 रुपए है, मध्यम अवधि में 135-139 रुपए तक जा सकता है। हिंदुस्तान मोटर्स 14-15 रुपए से बढ़ते-बढ़ते 24.60 रुपए पर पहुंच चुका है। इसके 30.24 से 31.75 तक जाने का ग्राफ है। इसके अलावा लाइका लैब्स का चार्ट तेजी का रुख दिखा रहा है। अभी यह 31.10 रुपए पर है, लेकिन इसमें 37.50 रुपए से लेकर 38.75 रुपए तक जाने का योग है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.