कचूमर निकल रहा है एलआईसी का

तेरह दिन पहले कैबिनेट ने आईडीबीआई बैंक में 9300 करोड़ रुपए की पूंजी डालने का फैसला किया। इसमें से 4743 करोड़ एलआईसी को लगाने हैं तो 4557 करोड़ केंद्र सरकार को। कारण, सरकार पहले ही आईडीबीआई बैंक की 51% इक्विटी एलआईसी को बेच चुकी है तो अब उसे इस डूबते बैंक को कंधा देना ही पड़ेगा। लेकिन आखिर सरकार के कहने पर वह करोड़ों बीमाधारकों का भविष्य कैसे दांव पर लगा सकती है? अब सोम का व्योम…

यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं। इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...

Existing Users Log In
   
New User Registration
* Please indicate that you agree to the Terms of Service
captcha
*Required field