निफ्टी पहले 5960 पर पहुंचे तो सही

हम पहले से ही थोड़े करेक्शन के लिए तैयार थे और लांग व शॉर्ट सौदों में संतुलन बनाकर चल रहे थे। यह भी एक कला है जिसे निवेशकों व ट्रेडरों को जरूर जानना-समझना चाहिए। बड़े करेक्शन को होने देने में मूलतः कुछ भी गलत नहीं है। कच्चे तेल के दाम, ब्याज दरों के बढ़ने की आशंका, मुद्रास्फीति और कंपनियों के मुनाफे से जुड़ी चिंताओं के चलते ट्रेडरों ने पहले से शॉर्ट पोजिशन बना रखी है और जब तक वे शॉर्ट रहेंगे, तब तक बाजार में भारी करेक्शन नहीं आ सकता। दरअसल, बाजार लोगों को और ज्यादा शॉर्ट होते जाने के लिए लुभा रहा है। लेकिन यह तूफान के आने से पहले की शांति है।

बी ग्रुप में जे के टायर, रोमन टारमैट व गुडईयर इंडिया में कुछ हलचल नजर आ सकती है। हालांकि ये तीनों ही शेयर आज, शुक्रवार को गिरे हैं। ए ग्रुप में रैनबैक्सी और जेट एयरवेज को लेकर मैं अब भी तेजी की धारणा रखता हूं। हमने जी ई शिपिंग के प्रति अपना झुकाव अब कम कर दिया है क्योंकि उससे जुड़ी खबर ब्लूमबर्ग ने चला दी है।

एक्सचेंज इसे मानें या न माने, लेकिन इस्पात इंडस्ट्रीज के डेरिवेटिव सौदों में भयंकर चालबाजी हुई है। इसकी खबर बिजनेस स्टैंडर्ड ने छापी भी है। स्टॉक को 95 फीसदी की सीमा में फंसा दिया गया और एकदम ट्रेड टू ट्रेड श्रेणी वाली स्थिति बन गई जहां ट्रेडरों और निवेशकों की पहुंच रुक जाती है। अब सुजलॉन भी इस्पात के ढर्रे पर है।

वीडियोकॉन की भी यही स्थिति है। ऑपरेटर पिछले कई महीनों ने 95 फीसदी की सीमा से जूझ रहे हैं। लेकिन अभी तक उन्हें कामयाबी नहीं मिली है। वैसे, मुझे एकदम यकीन है कि किसी न किसी वे कामयाब हो ही जाएंगे। मुझे सुजलॉन के बारे में पता था और इसलिए हमने सुजलॉन में 46 रुपए पर लांग या खरीद की कॉल दी थी और यह स्टॉक 56 रुपए को पार कर चुका है।

बाजार के बड़े-बड़े तोप-तमंचे इस समय निफ्टी में 5960 का स्टॉप लॉस लगाकर शॉर्ट हुए पड़े हैं। इसलिए 5960 का स्तर तो पार होना ही है। उसी के बाद हम करेक्शन की बात सोच सकते हैं। आज भी निफ्टी ऊपर में 5926.95 तक तो गया था। स्टॉप लॉस ट्रिगर होने में अभी करीब 40 अंक बाकी हैं। इसलिए करेक्शन की आशंका जरूर है। लेकिन अभी नहीं। इसलिए मस्त रहें। सावधान रहें। लांग और शॉर्ट में सही संतुलन बैठाने की कला का अभ्यास करें। बाजार फिलहाल इसका अच्छा मौका दे रहा है।

किसी को निर्णय लेने की कला सिखाने और समझदार बनाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि उसके ऊपर जिम्मेदारी डाल दो।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ है। लेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं उलझना चाहता। सलाह देना उसका काम है। लेकिन निवेश का निर्णय पूरी तरह आपका होगा और चक्री या अर्थकाम किसी भी सूरत में इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। यह कॉलम मूलत: सीएनआई रिसर्च से लिया जा रहा है)

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