जीडीपी बढ़ रहा है, टैक्स संग्रह बढ़ रहा है, शेयर बाज़ार बढ़ता जा रहा है। लेकिन औसत भारतीय की समृद्धि कितनी बढ़ रही है? खुद सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2014-15 में हमारी प्रति व्यक्ति आय या शुद्ध राष्ट्रीय आय ₹72,805 हुआ करती थी। यह वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक ₹1,06,744 तक पहुंची है। इसकी सालाना चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) मात्र 3.90% निकलती है। इसमें भी मुद्रास्फीति बराबर कम आंकी जाती है तो असल वृद्धिऔरऔर भी

कॉरपोरेट क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों, शेयर बाज़ार के उस्तादों और जमकर कमानेवाले एचएनआई के साथ उच्च-मध्यवर्ग के बहुतेरे लोगों को लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार तीसरे कार्यकाल में ही भारत को विकसित देश बना सकती है। लेकिन सवाल उठता है कि विकसित देश बनने का पैमाना क्या होगा? जीडीपी का तेज़ विकास, टैक्स संग्रह का जमकर बढ़ना, शेयर बाज़ार का उछाल, कॉरपोरेट क्षेत्र के मुनाफे का बढ़ना, देशी-विदेशी पूंजी निवेश का प्रवाह या कुछऔरऔर भी

कॉरपोरेट क्षेत्र की आशा, उम्मीद और प्रगति से ही शेयर बाज़ार चमकता है। उसने उम्मीद जताई है कि मोदी की सरकार में बनी नई एनडीए सरकार अधिक साहसी आर्थिक सुधारों पर अमल करेगी। उसने यह तो साफ नहीं किया कि ये साहसी सुधार क्या हो सकते हैं। लेकिन इस उम्मीद के साथ प्रधानमंत्री के विकसित भारत के नारे को ज़रूर नत्थी कर दिया है। ये वही कॉरपोरेट क्षेत्र है जिसने इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशऔरऔर भी

नरेंद्र दामोदर दास मोदी दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके भारत के लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनका दावा है कि भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे और 2047 तक उसे विकसित देश बना देंगे। उनकी बातों और सरकारी आंकड़ों पर तमाम देशी-विदेशी अर्थशास्त्रियों से लेकर आईएमएफ, विश्व बैंक, वैश्विक निवेश बैंकर, रेटिंग एजेंसियां और विदेशी सरकारें तक या तो यकीन रखती हैं या ‘मौनं स्वीकृति लक्षणं’ के अंदाज़ में चुप हैं।औरऔर भी

चढ़ जा बेटा सूली पर, भला करेंगे राम। खुद मौज करते हुए राम का वास्ता देकर दूसरों को सूली पर चढ़ाने की यह सलाह ठीक नहीं। वो भी तब, जब इसे देश के सर्वोच्च पद पर बैठा कोई शख्स दे रहा हो। लेकिन यह सच है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठीक चुनावों के बीच टीवी पर इंटरव्यू में लोगों को शेयर बाज़ार में निवेश करने की सलाह देते हुए कहा कि 4 जून को नतीजों केऔरऔर भी