जो इंसान शेयर बाज़ार में भावों को चलाते हैं, आखिर उनको कौन चलाता/चलाती है? दरअसल, उनको चलाती हैं इंसान के अंदर समाई लालच व डर की दो प्रबल भावनाएं। छोटा हो या बड़ा, व्यक्ति हो या संस्था, हर कोई लाभ कमाने के मकसद से ही शेयर बाज़ार में उतरता है। कोई तेज़ी का माहौल का हामी होता है और खरीदने के बाद बेचकर कमाता है तो कोई मंदी का हामी होता है और बेचने के बाद खरीदकरऔरऔर भी