स्मार्ट निवेशकों ने शुरू कर दी खरीद
विदेशी निवेशक ही नहीं, देश के स्मार्ट निवेशकों ने भी शेयर बाज़ार में अब निचले स्तर पर खरीद शुरू कर दी है। वे ऐसे समझदार निवेशक हैं जो बाज़ार, अर्थव्यवस्था और कंपनियों की गहरी समझ रखते हैं। राकेश झुनझुनवाला जैसों की तरह शोर नहीं मचाते, न ही प्रवर्तकों से डील करते हैं, बल्कि चुपचाप स्तरीय कंपनियों में करोड़ों का निवेश करते रहते हैं। अक्सर वे ऐसा प्राइवेट इक्विटी फर्मों के जरिए करते हैं। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
भागते विदेशी निवेशक लगे हैं लौटने
विदेशी संस्थागत निवेशकों या एफआईआई ने एक बार फिर भारतीय शेयर बाज़ार में निवेश बढ़ा दिया है। बजट के बाद जहां जुलाई व अगस्त में उन्होंने यहां से क्रमशः 12,419 करोड़ व 17,592 करोड़ रुपए निकाले थे, वहीं सितंबर में उन्होंने 7548 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीद की है। हो सकता है यह उन पर घटाए गए टैक्स का नतीजा हो। लेकिन उनके बदले रुख को एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी
बिगड़ते हालात, निकाला नया रास्ता
एक सरकार ही है जो मानने को तैयार नहीं। वरना आम से लेकर खास तक, हर कोई मान चुका है कि हमारी अर्थव्यवस्था की हालत खराब है। रिजर्व बैंक तक ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी की विकास दर का अनुमान अप्रैल के 7.2% से घटाकर अब 6.1% कर दिया है। ऐसे माहौल में शेयर बाज़ार पर सरकार की कोई जुगत काम नहीं कर रही। आखिर ऐसे में निवेश का नया तरीका क्या हो सकता है?औरऔर भी
स्वदेशी दरकिनार, विदेशी का सत्कार
दो दिन पहले ही हमने उस बापू की 150वीं जयन्ती मनाई जिन्होंने स्वदेशी का परचम बुलंद किया था। लेकिन आज सरकार स्वदेशी पूंजी को छोड़ विदेशी पूंजी के पीछे भाग रही है। वहीं, तमाम बहुराष्ट्रीय कंपनियां टैक्स चोरी का धन एफडीआई की खोल में दुनिया भर में घुमा रही हैं। आईएमएफ के मुताबिक 38% एफडीआई ऐसा ही है। फिर भी हमारी सरकार इस पूंजी से रोजगार पैदा करने का दम भरती रही है। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी






