जो चले समय के साथ, सूरा सोई
जो समय और टेक्नोलॉज़ी के साथ न चल सके, उसे मिटने से कोई रोक नहीं सकता। ज़ेरॉक्स व कोडक जैसी नामी कंपनियों का यही हश्र हुआ। यही नहीं, इंटरनेट पर सबसे पहले छानेवाली ब्लूचिप कंपनी याहू भी मिटने की कगार पर पहुंची तो वेरिज़ोन ने उसे काफी सस्ते में खरीद लिया। लेकिन आज हम तथास्तु में भारतीय मनोरंजन जगत की ऐसी कंपनी पेश करने जा रहे हैं जो बदलते वक्त के साथ खुद को ढालती रही है…औरऔर भी
वित्तीय अज्ञान से खेले खुद वित्त मंत्री
हमारे वित्तीय जगत में ठगी का बोलबाला है। इसीलिए शेयरों से लेकर म्यूचुअल फंड जैसे वित्तीय माध्यमों में निवेश करने वालों की आबादी 2.5% के आसपास ठहरी हुई है और लोग अपना अधिकांश निवेश सोने व प्रॉपर्टी में करते हैं। सरकार, सेबी व रिजर्व बैंक की तरफ से वित्तीय साक्षरता की बात की जाती है। पर देश का वित्त मंत्री ही जब लोगों के वित्तीय अज्ञान का फायदा उठाकर छल करने में लगा हो तो हम कैसेऔरऔर भी
मिलेंगे दो हफ्ते में नए अपग्रेड के साथ
समय के साथ हम अपने तौर-तरीकों को अपग्रेड न करें तो पीछे रह जाएंगे। वित्तीय बाजार की ट्रेडिंग में भी विदेशी संस्थाओं व हेज फंडों के आने के साथ सिस्टम में बराबर नयापन आता जा रहा है। अर्थकाम अपना ट्रेडिंग सिस्टम अद्यतन बनाने में लगा है। इस काम में दो हफ्ते लग जाएंगे। इसलिए यह कॉलम अब अगली बार 20 फरवरी को आएगा। वर्तमान सब्सक्राइबरों का सब्सक्रिप्शन दो हफ्ते बढ़ा दिया गया है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी
वित्तीय जगत में ठगों की भरमार
अपने यहां शेयरों में निवेश करते वक्त कंपनी के धंधे व अर्थव्यवस्था की स्थिति के साथ ही बड़ा रिस्क यह है कि हमारा वित्तीय बाज़ार ठगों से भरा हुआ है। कहने को सेबी है, लेकिन इनसाइडर ट्रेडिंग खूब होती है। सबको बताने के लिए सूचनाएं अलग और जानकार विश्लेषकों के लिए अलग होती हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि निवेश करने से पहले सारी जानकारियों को कायदे से ठोंक-बजा लिया जाए। आज तथास्तु में एक रिस्की कंपनी…औरऔर भी






