मासूम ट्रेडरों की ठगी को कैसे रोका जाए? ‘अर्थकाम’ ने ऐसे एक ठग को नजदीकी से पहचाना। हालांकि उस ठग की दुकान अब भी चालू है। उसमें एक राजनीतिक पार्टी के बड़े नेता तक ने निवेश कर रखा है। खैर, रिसर्च का क्रम शुरू हुआ। बहुत सारी किताबें पढ़ डालीं। कई महंगी-महंगी क्लासें कीं। टेक्निकल एनालिसिस भी सीखी। अहसास हुआ कि बगैर अपना सिस्टम बनाकर ट्रेड करने वाले बाजार में हमेशा पिटते हैं। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी

शेयर बाजार में ट्रेडिंग का यह कॉलम शुरू हुए करीब चार साल होने जा रहे हैं। इसकी प्रेरणा तब मिली, जब हमने देखा कि हिंदी, मराठी या गुजराती भाषी तमाम लोग टिप्स पर ट्रेडिंग करते हैं। कंपनी को ऑर्डर मिलनेवाले हैं, बड़ा एफआईआई खरीदने जा रहा है, म्यूचुअल फंड की खरीद आनेवाली है या बाज़ार का कोई बड़ा खिलाड़ी हाथ लगानेवाला है। ऐसे सफेद झूठ फैलाकर मासूम ट्रेडरों को ठगा जा रहा था। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

जीवन में हमेशा बहुत कुछ नया होता रहता है। इसी तरह अर्थव्यवस्था में भी बहुत कुछ नया और अच्छा होता रहता है। सरकार कुछ करे या करे, उद्यमी अपनी धुन में कुछ न कुछ नया रचते रहते हैं। समझदार निवेशक को हमेशा ऐसे उभरते उद्यमियों और उनकी कंपनियों पर नज़र रखनी चाहिए ताकि वे अपनी अतिरिक्त बचत को उनके साथ जोड़कर जोखिम से उपलब्धि की यात्रा कर सकें। आज तथास्तु में इसी यात्रा पर निकली एक कंपनी…औरऔर भी

लोगबाग ऑप्शंस के दीवाने हैं, खासकर निफ्टी व बैंक निफ्टी ऑप्शंस के। इक्विटी डेरिवेटिव्स के टॉप-20 कॉन्ट्रैक्ट में आपको यही दो ऑप्शंस छाए मिलेंगे। धन भी ज्यादा नहीं लगता। मसलन, निफ्टी-8950 में कॉल का भाव है 16.75 रुपए और लॉट 75 का तो कुल लगे 1256 + 30 रुपए का ब्रोकरेज। डूबें तो यही 1286 रुपए, और फायदा महीने भर में 50-60%! बस डेल्टा, थीटा, गामा व वेगा सीख लें। फंसान है तगड़ी। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी