वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग में केवल चार संभावनाएं होती हैं: बड़ी जीत, छोटी जीत, छोटा घाटा और बड़ा घाटा। अगर कोई ट्रेडर बड़े घाटे से बचता रहे तो बाकी तीन स्थितियों में पूरी तरह सही-सलामत रहता है। उसकी ट्रेडिंग पूंजी सलामत रहती है और वो अपने सिस्टम व अनुशासन के बल पर ज्यादा नहीं तो बराबर थोड़ा-बहुत मुनाफा कमाता रहता है। अच्छे रिस्क-रिवॉर्ड अनुपात वाले सौदे चुने तो उसका मुनाफा बढ़ जाता है। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी

मानकर चलें कि वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग में घाटे से कभी नहीं बचा जा सकता। लेकिन हम उसे कम से कम ज़रूर रख सकते हैं। इसके लिए रिस्क को न्यूनतम करना होता है। प्रोफेशनल ट्रेडर ऐसा करने के वास्ते स्टॉप-लॉस ही नहीं,  पोजिशन साइज़िंग जैसे कई तरीके अपनाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि वे न तो घाटे से विचलित होते हैं और न मुनाफा कमाने पर कुलांचे भरते हैं। अब पकड़ते हैं गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

इंसान होने के नाते हमारा सहज स्वभाव है कि हम हमेशा सही होना चाहते हैं और गलत होने से नफरत करते हैं। लेकिन ट्रेडिंग और निवेश की दुनिया में यह सहज स्वभाव नहीं चलता क्योंकि इसमें गलत होना और घाटा लगना पक्का है। सबसे अच्छे ट्रेडर भी समय-समय पर घाटा खाते रहते हैं। सामान्य ट्रेडर और उनमें अंतर बस इतना है कि वे घाटे को न्यूनतम और मुनाफे को अधिकतम रखना जानते हैं। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

क़ासिद के आते-आते खत इक और लिख दूं, मैं जानता हूं जो वो लिखेंगे जवाब में। सायास या अनायास, जो भी मानें, देश में बजट के सालाना अनुष्ठान का आज यही हाल हो गया है। दो दशक पहले तक लोगों को धड़कते दिल से इंतज़ार रहता था कि वित्त मंत्री क्या घोषणाएं करने वाले हैं। इनकम टैक्स में क्या होने जा रहा है। कस्टम व एक्साइज़ ड्यूटी के बारे में जहां आयातकों व निर्यातकों से लेकर छोटी-छोटीऔरऔर भी

अतिविश्वास जीवन के हर क्षेत्र के लिए बुरा है। लेकिन वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग के लिए तो यह बेहद खतरनाक है। इससे आपमें सुरक्षा का झूठा भाव आ जाता है। गुमान हो जाता है कि बाज़ार पर आपकी राय हमेशा सही बैठती है। इस गफलत में आप अपनी औकात से ज्यादा बड़े सौदे कर बैठते हैं। नतीजतन भयंकर घाटे के शिकार या दिवालिया तक हो जाते हैं। इस अहंकार से बचना ज़रूरी है। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग एक ऐसा बिजनेस है जो आपके आत्मसम्मान को हर दिन चुनौती देता है। बाज़ार चंद मिनट में आपको गलत साबित कर सकता है। आप उससे तर्क-वितर्क भी नहीं कर सकते। आपकी निजी धारणा या अनुमान हो सकता है। पर, बाज़ार उसकी रत्ती भर परवाह नहीं करता। उसे जो करना है, वो ही करेगा। इसलिए आप लंबे समय तक सफलता से ट्रेड करना चाहते हैं तो विनम्रता बड़ी ज़रूरी है। अब सोम का व्योम…औरऔर भी