खुद को बड़ा उस्ताद बताने वालों के पास असल में कोई नई खबर नहीं होती। होती भी है तो बहुत पहले पिट चुकी होती है। खुद का उल्लू सीधा करना ही इनका मकसद है। इसलिए इनके किसी भी संदेश को तवज्जो नहीं देना चाहिए। ऐसे टिप्स देने वाले तो आजकल सोशल मीडिया पर भी छाने लगे हैं। उन्हें छोड़िए। अपना सिस्टम बनाइए। काम के 10-15 स्टॉक्स चुनिए, उनका स्वभाव समझिए और ट्रेड कीजिए। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ को मंजूरी दे दी। यह योजना इसी साल खरीफ सीजन से लागू हो जाएगी। इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, “यह एक ऐतिहासिक दिन है। मेरा विश्वास है कि किसानों के कल्याण से प्रेरित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन लाएगी।” सरकार की तरफ से जारी सूचना में कहा गया है कि किसानों केऔरऔर भी

सनसनी महज न्यूज़ चैनलों पर ही नहीं, शेयर बाज़ार में भी फैलाई जाती है। स्मार्टफोन से खटाखट संदेश भेजे जाते हैं। अब तो व्हाट्स अप का ज़माना है। किसी वाहियात कंपनी का नाम लेकर बताते हैं कि बड़ा ब्रोकिंग हाउस उस पर खरीद रिपोर्ट जारी करनेवाला है। रिपोर्ट आते ही 22 रुपए से अगले हफ्ते यह शेयर 50 तक पहुंच जाएगा। इसलिए फटाफट खरीद लें। वरना पछताएंगे। उनकी इस चाल में फंसे बगैर देखें बुध की बुद्धि…औरऔर भी

बाज़ार में अफवाह फैलाने के पीछे शोबाज़ मानसिकता के ही लोग होते हैं। दिखाते ऐसे हैं कि रतन टाटा, मुकेश अंबानी या कुमारमंगलम बिड़ला तक इनकी सीधी पहुंच हो। वित्त मंत्रालय के आला अधिकारियों और वित्त मंत्री अरुण जेटली को तो ये लोग जेब में लिए टहलते हैं। असल में ये लोग मानसिक रूप से बीमार होते हैं। इसलिए हमें न तो उनका अपमान करना चाहिए, न ही उन्हें कोई अहमियत देनी चाहिए। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

हमारे समाज में बहुतेरे लोग आदतन खुद को तोप-तमांचा साबित करने में लगे रहते हैं। जानते नहीं कि मैं कौन हूं? ऐसे जुमले आपने भी बराबर सुने होंगे। यही लहज़ा शेयर बाज़ार से जुड़े लोगों में भी नज़र आता है। डंके की चोट पर बताते हैं कि फलांना शेयर कहां तक जानेवाला है। दरअसल, इस हवाबाज़ी के पीछे खुद को महत्वपूर्ण बताने की मानसिकता काम कर रही होती है। इन्हें किनारे रखकर देखें अब सोम का व्योम…औरऔर भी

मंगलम ड्रग्स में हमने निवेश की पहली सलाह पांच साल पहले जब 22 नवंबर 2010 को दी थी, तब उसका शेयर 20 रुपए पर था। 1 जनवरी 2015 तक वो वहीं अड़ा रहा। लेकिन वहां से उठा तो 8 दिसंबर तक 20 से सीधे 441 तक पहुंच गया। फिर गिरा तो महीने भर में 261 तक पहुंच गया। फिर भी 2015 में 1205% का सर्वाधिक रिटर्न इसी शेयर ने दिया है। अब आज का तथास्तु…और भीऔर भी