भाव हों सही, तभी पकड़ें कंपनी
अभी दुनिया की जो आर्थिक हालत है, चीन तक की स्थिति डांवाडोल है, उसे देखते हुए क्या भारत में अब भी दीर्घकालिक निवेशकों के लिए कोई संभावना बची है? यह विषय निबंध के लिए अच्छा है। लेकिन हम जैसे आम निवेशकों के लिए इसका कोई मायने-मतलब नहीं। इसे संस्थाओं की मगजमारी के लिए छोड़ देना चाहिए। हमें तो अच्छी कंपनी को सही भाव पर पकड़ने की कोशिश में लगे रहना चाहिए। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी





