ट्रेडिंग अगर आपको कष्ट दे रही है, आपको परेशान कर देती है जो ज़रूर आप कोई न कोई गड़बड़ कर रहे होंगे। अपना संयम-नियम अनुशासन दुरुस्त कीजिए। अगर एंट्रा-डे ट्रेड नहीं कर रहे हैं तो दिन में एक बार से ज्यादा पोर्टफोलियो को देखने की जरूरत नहीं है। ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर में स्टॉप लॉस या एंट्री के भाव का अलार्म लगाकर रखें। फिर निश्चिंत रहें। लक्ष्य हासिल या स्टॉप लॉस, बेधड़क निकल लें। अब देखें गुरु की दिशा…औरऔर भी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कं‍पनी अधिनियम, 2013 में कुछ संशोधन करने के लिए कंपनी (संशोधन) विधेयक, 2014 को संसद में पेश करने को मंजूरी दे दी गई। सरकार ने इसका मकसद देश में बिजनेस करने की प्रक्रिया को आसान बताना बताया है। मालूम हो कि विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बिजनेस करने की आसानी के बारे में दुनिया के 189 देशों में भारत की रैंकिंग सालऔरऔर भी

ज़रा हिसाब लगाकर देखिए। सौदे आपने वही चुने जिनमें रिस्क-रिवॉर्ड अनुपात एक पर तीन या इससे ज्यादा का है। महीने के 20 सौदे में से 12 गलत निकले तो 2% स्टॉप लॉस से कुल घाटा लगा 24% का, जबकि बाकी आठ सही निकले तो 6% की दर से फायदा हुआ 48% का। इस तरह महीने में कुल मिलाकर 24% का फायदा। यही है ट्रेडिंग में मोटामोटा नफा-नुकसान का आकलन व अनुशासन। अब परखते हैं बुधवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

सरकार से लेकर कॉरपोरेट जगत के चौतरफा दबाव के बावजूद रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति की पांचवी द्वि-मासिक समीक्षा में ब्याज दरों को जस का तस रहने दिया। नतीजतन, बैंक जिस ब्याज पर रिजर्व बैंक से उधार लेते हैं, वो रेपो दर 8 प्रतिशत और जिस ब्याज पर वे रिजर्व बैंक के पास अपना अतिरिक्त धन रखते हैं, वो रिवर्स रेपो दर 7 प्रतिशत पर जस की तस बनी रही। रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुरान राजन नेऔरऔर भी

खास खबर का दिन। रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की दो-दो महीने पर होनेवाली पांचवीं समीक्षा पेश करेगा। सरकार व उद्योग जगत से गवर्नर रघुराम राजन पर दवाब है कि ब्याज दर कम से कम 0.25% घटा दें क्योंकि रिटेल मुद्रास्फीति घट चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चा तेल सस्ता होता जा रहा है। अब आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए ब्याज घटाना ज़रूरी है। लेकिन राजन शायद ही ऐसा कुछ करें। ऐसे में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति…औरऔर भी

ट्रेडिंग की घाटी में बेध्यानी और बिना तैयारी के उतरना घातक है। अगर आप पूरी मानसिक व भावनात्मक तैयारी के बगैर इसमें उतरते हैं तो समझिए कि बिना स्टीयरिंग के गाड़ी चला रहे हैं। तब आप घाटी में कहीं गिरकर बर्बाद हो जाएंगे। शातिर शिकारियों का निवाला बन जाएंगे। याद रखें कि ट्रेडिंग 90-95% मन व भावना को वश में रखने का खेल है। यहां आप रिस्क उठाते हैं, लेकिन एकदम गिनकर। पकड़ें अब दिसंबर का सूत्र…औरऔर भी