12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान स्‍वर्णिम चतुर्भुज और उत्‍तर-दक्षिण व पूर्व-पश्चिम मार्ग पर अंतरराज्‍यीय चेकपोस्ट बनाने का खर्च सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय द्वारा उठाया जा सकता है। देश में कुल ऐसे 177 अंतरराज्‍यीय चेकपोस्ट हैं। केंद्रीय मंत्रालय की तरफ से सोमवार को यह जानकारी दी गई। इस समय ट्रक चलाने वाले को माल ढोने की मूंजरी के लिए तमाम एजेंसियों को झेलना पड़ता है। विभिन्‍न जगहों पर मौजूद चेकपोस्ट पर संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच की जातीऔरऔर भी

प्रधानमंत्री के सलाहकार सैम पित्रोदा की अध्‍यक्षता में रेल मंत्रालय द्वारा भारतीय रेल के आधुनिकीकरण के लिए गठित विशेषज्ञ समूह ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी को सौंप दी। उसके द्वारा प्रस्ताविक आधुनिकीकरण की कुल अनुमानित लागत 5,60,396 करोड़ रुपए है। इसका एक अंश उसने यात्रियों पर सरचार्ज लगाकर जुटाने को कहा है। उसका कहना है कि भारतीय रेल को अपने उपक्रमों के विनिवेश के साथ ही धन जुटाने के दूसरे उपायों पर भीऔरऔर भी

सरकारी तेल कंपनियां इस हफ्ते शनिवार, 3 मार्च को उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों का सातवां व आखिरी दौर खत्म होते ही पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ा सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक जहां पेट्रोल के दाम प्रति लीटर 4 रुपए बढ़ाए जा सकते हैं, वहीं डीजल के दाम में भी कम से कम 2 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि हो सकती है। इससे पहले कंपनियों ने 1 दिसंबर 2011 को पेट्रोल के दाम बदले थे। बताऔरऔर भी

अमेरिका में भारत के नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (सीएजी) की तर्ज पर जीएओ नाम की संस्था काम करती है। इसे पहले जनरल एकाउंटिंग ऑफिस कहा जाता था। लेकिन साल 2002 से अमेरिकी संसद ने इसका काम व नाम बदलकर गवर्नमेंट एकाउंटेबिलिटी ऑफिस कर दिया। अमेरिका के मौजूदा महानियंत्रक जीन डोदारो हैं। वहां जीएओ प्रमुख का कार्यकाल 15 साल का है। डोदारो की नियुक्ति इस पद पर डेढ़ साल पहले हुई थी और उनका बाकी कार्यकाल करीब 13.5औरऔर भी

सेंसेक्स आज एक ही झटके में 540 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, जबकि पिछले हफ्ते वह 600 अंकों का धक्का पहले ही सह चुका था। निफ्टी भी 160 से ज्यादा अंक गिरकर 5268.15 तक पहुंच गया। व्यवस्थागत खामी के आई इस जबरदस्त गिरावट ने ट्रेडरों की हालत खराब कर दी है। इसने निस्संदेह रूप से साबित कर दिया है कि बाजार को फंडामेंटल्स के विरुद्ध जाकर जबरदस्ती चढ़ाया गया था और अब नीचे लाया जाऔरऔर भी

चुटकी भर टिप्स, मुठ्ठी भर मंत्र। यही अपना मूल मकसद है। टिप्स तो बहाना है, असली काम तो आपको बताना है शेयर बाजार ही नहीं, पूरे वित्तीय बाज़ार की बारीकियों के बारे में ताकि कोई आपको झांसा न दे सके और आप अपने फैसले खुद ले सकें। ऐसे में हर बड़ी खबर या घटना का इस्तेमाल हमें जानने-समझने के मौके के रूप में करना चाहिए। शनिवार को वेदांत समूह ने अपनी एक कंपनी स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को दूसरीऔरऔर भी

मैं तो बांस का एक टुकड़ा भर हूं, जिसने बाहर से आनेवाली हवाओं के लिए कई झरोखे काट रखे हैं। अगर बहती हवा के झोंके, किसी की सांसों का वेग इसे बांसुरी बना देता है तो इसमें मेरी क्या भूमिका!और भीऔर भी