समय तो यंत्रवत चलता है। हमने ही उसे नैनो सेकंड से लेकर साल तक के पैमाने में कसा है। अपने जीवन को हम जन्मदिन के चक्र में कसते हैं। लेकिन यह हमारा अपना चक्र है। समय से हमारी कोई होड़ नहीं।और भीऔर भी

जिस तरह ज्यादातर कंपनियों के आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) कुछ ही समय बाद अपने इश्यू मूल्य से बहुत नीचे खिसक जाते हैं और लिस्टिंग के दिन में उनमे जबरदस्त ऊंच-नीच होती है, उसने पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी को आखिरकार कुछ ठोस कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। सेबी ने आईपीओ के मूल्य में मर्चेंट बैंकरों की जवाबदेही तय करने के लिए उनके द्वारा संचालित पुराने आईपीओ का हाल बताना जरूरी कर दिया है। इस सिलसिले मेंऔरऔर भी

भारत की कंपनियां विदेशी निवेशकों के बीच अपनी साख खोती जा रही हैं। इसकी खास वजह है कि साल 2010 में भारतीय कंपनियों द्वारा लाए गए 85 फीसदी जीडीआर (ग्लोबल डिपॉजिटरी रसीद) अपने इश्यू मूल्य से नीचे चल रहे हैं। इनमें निवेशकों का औसत नुकसान 52 फीसदी का है, जबकि इसी दौरान एस एंड पी सीएनएक्स 500 सूचकांक में 7 फीसदी ही गिरावट आई है। प्रमुख रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिसर्च शाखा ने अपने एक विश्लेषण मेंऔरऔर भी

दुनिया में छा रही आर्थिक मंदी से स्‍थायी रूप से उबरने के लिए रोजगार का मुद्दा विकास की हर रणनीति में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए। इसके बिना मंदी से मुक्ति संभव नहीं है। यह बात केंद्रीय श्रम व रोज़गार मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को पेरिस में जी-20 देशों के श्रम मंत्रियों के सम्‍मेलन में कही। इस सम्‍मेलन में जी-20 देशों के श्रम मंत्री वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद से बेरोज़गार की समस्‍या से निपटनेऔरऔर भी

यूरोपीय संघ व्यापार परिषद ने 27 देशों के संगठन यूरोपीय संघ और भारत के बीच महत्वाकांक्षी व व्यापक व्यापार समझौते पर सहमति जताई है। यूरोपीय संघ के मुख्यालय ब्रसेल्स में सोमवार को परिषद की बैठक में यह रेखांकित किया गया कि समझौते का मकसद यूरोपीय वस्तुओं व सेवाओं को भारतीय बाजार में पहुंचाना है। लेकिन बैठक के बाद यह भी कहा जा रहा है कि दोनों के बीच मुक्त व्यापार समझौता मुश्किल में पड़ गया है। यूरोपीयऔरऔर भी

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे सिर्फ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के बाद ही 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मुद्दे पर वित्त मंत्रालय के नोट पर कुछ बोलेंगे। वित्त मंत्री कल बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलनेवाले हैं। प्रणब ने मंगलवार को कोलकाता में अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं वही दोहरा रहा हूं जो मैंने न्यूयॉर्क और दिल्ली में कहा। यदि आरटीआई आवेदन के जरिए हासिल किएऔरऔर भी

कल बाजार ने ज्यादा गिरावट को संभाल लिया और आज सुबह से बढ़ना शुरू हुआ तो लगातार बढ़ता ही गया। आज निफ्टी 2.81 फीसदी बढ़कर 4971.25 और सेंसेक्स 2.95 फीसदी बढ़कर 16,524.03 पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार के इस बर्ताव में जबरदस्त अचंभे का तत्व है जिसे देखने-समझने की जरूरत है। मैं आपको बताता रहा हूं कि अभी के दौर में बाजार का आगे बढ़ना बेहद मुश्किल है क्योंकि दुनिया के बाजारों के साथ ही भारतीयऔरऔर भी

इंड-स्विफ्ट लिमिटेड और इंड-स्विफ्ट लैबोरेटरीज दोनों ही एक समूह से वास्ता रखती हैं। चंडीगढ़ इनका मुख्यालय है। दवाएं बनाती हैं। लेकिन अलग-अलग लिस्टेड हैं। इंड-स्विफ्ट 1986 में बनी तो इंड-स्विफ्ट लैब्स 1995 में। धंधा दोनों का दुरुस्त चल रहा है। इंड-स्विफ्ट लिमिटेड ने बीते वित्त वर्ष 2010-11 में 894.16 करोड़ रुपए की आय पर 43.45 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था। वहीं इंड-स्विफ्ट लैब्स ने इस दौरान 1031.21 करोड़ रुपए की आय पर 87.62 करोड़ रुपएऔरऔर भी

अगर हम जानते हैं कि हमें कहां जाना है और हम यह भी जानते हैं कि वहां पहुंचने के लिए क्या करना जरूरी है तो समझ लीजिए कि यात्रा शुरू हो गई और आधी मंजिल मिल गई। अब बस पहुंचना ही बाकी है।और भीऔर भी

इनफोसिस देश की इकलौती कंपनी है जिसका करीब 35% मालिकाना हक उसके कर्मचारियों के पास है। कंपनी की कुल 287.09 करोड़ रुपए की इक्विटी पूंजी में से उसके मूल संस्थापक नारायण मूर्ति, उनकी पत्नी, बेटी व बेटे का हिस्सा मात्र 4.47% हैं। इसमें से सबसे ज्यादा 1.41% शेयर उनकी बेटी अक्षता मूर्ति और सबसे कम 0.41% शेयर खुद उनके पास हैं। एफआईआई ने कंपनी के 36.88% शेयर खरीद रखे हैं, जबकि घरेलू संस्थानों (डीआईआई) ने 9.84%। कंपनीऔरऔर भी