विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) स्थानीय ब्रोकरों के साथ मिलाकर भारतीय शेयर बाजार को नचाने के लिए कंपनियों के जीडीआर इश्यू तक का इस्तेमाल करते हैं। यह ऐतिहासिक खुलासा पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने पूरे साक्ष्यों के साथ किया है। इस सिलसिले में बुधवार को सुनाए गए आदेश में सेबी ने पांच एफआईआई व उनके सब-एकाउंट और पांच ब्रोकरेज फर्मों पर रोक लगा दी है। साथ ही कहा है कि इस खेल में बिचौलिये की भूमिका निभानेवालीऔरऔर भी

साइबर सुरक्षा की चुनौतियों से निपटते वक्त ‘व्यक्ति की गोपनीयता’ और ‘देश के संवेदनशील सुरक्षा सराकारों’ के बीच पर्याप्त संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। उभरते बाज़ारों के लिए सूचना और नेटवर्क सुरक्षा पर मंगलवार को फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में आयोजित शिखर सम्मेलन के शुरुआती सत्र को संबोधित करते हुए केन्द्रीय संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने यह बात कही। उन्होंने इस बात के लिए चेताया कि साइबर आक्रमण केवल व्यक्ति द्वारा नहीं बल्किऔरऔर भी

टाटा समूह इस वक्त न केवल ब्रिटेन का सबसे बड़ा निर्माता है, बल्कि उसने वहां सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार दे रखा है। उसकी फैक्ट्रियों में सीधे-सीधे 40,000 लोग काम करते हैं। सर्विस स्टाफ को जोड़ दें तो यह संख्या 45,000 के पार चली जाती है। हालांकि टाटा और अंग्रेजों का रिश्ता गुलामी के दौर का है। टाटा ने लंदन से माल मंगवाने के लिए 1907 में वहां पहला दफ्तर खोला था। 1975 में उसने टीसीएस केऔरऔर भी

मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई क़ुरैशी का मानना है कि देश में निर्वाचित सांसदों को वापस बुलाने के अधिकार पर अमल संभव नहीं है। बता दें कि हाल ही में गांधीवादी कार्यकर्ता अण्णा हज़ारे ने मांग की थी कि चुने हुए जन प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार जनता को मिलना चाहिए। इससे पहले 1974 में जयप्रकाश आंदोलन के दौरान भी जन प्रतिनिधियों को वापस बुलाने के अधिकार की मांग उठ चुकी है। मध्य प्रदेश में करीबऔरऔर भी

हां, सुबह-सुबह निफ्टी के वापस 5170 के करीब आ जाने के बाद थोड़ा करेक्शन तो होना ही था। निफ्टी बंद हुआ है कल से 6.95 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 5133.25 पर। अब 5000 को नया धरातल मानकर चलें जहां से बाजार खुद को जमाने के बाद ऊपर की ओर कूच करेगा। वैसे, कितनी अजीब बात है कि जब बाजार बढ़ रहा है तो ट्रेडर व निवेशक सेटलमेंट की खतरनाक फांस को एकदम भूल ही गएऔरऔर भी

इक्विटी शेयर एकमात्र आस्ति है जिसका मूल्य मूलतः कंपनी द्वारा निरंतर बनाए जाते मूल्य को दर्शाते हुए बढ़ता जाता है। बाकी दूसरी आस्तियां या माध्यम या तो शेयर बाजार से ही कमाई करते हैं या ताश के पत्तों की तरह नोट को इस हाथ से उस हाथ तक पहुंचाते रहते हैं। इक्विटी पूंजी कमाती है तो शेयर का भाव बढ़ता है। इसी अनुपात को दर्शाता है मूल्य/अर्जन या पी/ई अनुपात। लेकिन जहां अर्जन शून्य है, वहां मूल्यऔरऔर भी

हर किसी के लिए सब कुछ जानना संभव नहीं। लेकिन इतना तो पता होना चाहिए कि क्या है जो हम नहीं जान सकते। तभी तो हम उस हद तक सारा कुछ जानने का जेहाद मरते दम तक जारी रख सकते हैं।और भीऔर भी