केंद्र सरकार ने नवंबर 2008 से देश में जन औषधि मेडिकल स्टोर खोलने का अभियान चला रखा है। ये स्टोर मुख्यतया सरकारी अस्पतालों में खोले जाने हैं। लेकिन तीन साल तक इस योजना के तहत देश भर में कुल 111 स्टोर ही खोले जा सके हैं, जिनमें से सात काम नहीं कर रहे हैं। नोट करने की बात यह है कि इनमें से कोई भी स्टोर देश के तीन प्रमुख राज्यों – उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश वऔरऔर भी

देश के सबसे ज्यादा गरीब 12 राज्यों में से किसी को भी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) में दिलचस्पी नहीं है। इस मिशन का संचालन केंद्र सरकार विश्व बैंक के साथ मिलकर कर रही है और इसके लिए विश्व बैंक ने 4600 करोड़ रुपए का उधार देने का करार किया है। राज्यों के इस ठंड रवैये की जानकारी केन्‍द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन ने शुक्रवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंनेऔरऔर भी

रूप तात्कालिक है, गुण स्थाई है। शरीर नश्वर है, आत्मा स्थाई है। आईटी सेक्टर अगस्त महीने का सबसे बुरा सेक्टर रहा जिसकी अहम वजह है डेरिवेटिव सौदों में फिजिकल सेटलमेंट का अभाव। यह स्टॉक एक्सचेंजों के लिए ड्रैकुला या वैम्पायर बना हुआ है। मेरे पास इसके लिए कोई शब्द नहीं है क्योंकि यह स्थिति सचमुच सभी ट्रेडरों व निवेशकों का खून चूसे जा रही है। इसके चलते आज 95 फीसदी निवेशक लगभग अपनी सारी पूंजी गंवा चुकेऔरऔर भी

मेरा ही नहीं, सभी का अनुभव यही कहता है कि शेयर बाजार में जो सही वक्त पर बेच नहीं पाता, वह कभी सचमुच का धन नहीं बना पाता। हो सकता है कि वह अपना पोर्टफोलियो देख-देखकर मगन होता रहे, लेकिन किसी दिन अचानक उसे पता चलता है कि जहां उसे अच्छा-खासा फायदा हो रहा था, वहां उसे तगड़ा घाटा होने लगा है। बेचना कब है, यह अपनी जरूरत और विवेक के हिसाब से तय करना चाहिए। ब्रोकरोंऔरऔर भी

केवल विज्ञान ही निरेपक्ष और व्यापक समाज के हित में है। बाकी महान से महान विचार भी निरपेक्ष नहीं होते। उसमें किसी का हित तो किसी का अहित होता है। यह दिखता नहीं, पर देखना जरूरी है।और भीऔर भी

उभरते बाजारों में निवेश करने वाले प्राइवेट इक्विटी (पीई) फंडों ने सबसे ज्यादा धन भारत और चीन में लगाया है। उभरते बाजारों में पीई निवेश में इन दो देशों की कुल हिस्सेदारी 68 फीसदी है। इमर्जिंग मार्केट्स प्राइवेट इक्विटी एसोसिएशन द्वारा कराए गए अध्ययन के मुताबिक, इस साल जून तक के छह महीनों में दुनिया में हुए कुल पीई निवेश में चीन और भारत की हिस्सेदारी 68 फीसदी रही। जहां चीन में 5.8 अरब डॉलर का पीईऔरऔर भी

चंद दिनों के आंदोलन से ही अण्णा हज़ारे इतने बड़े ब्रांड बन गए हैं कि तमाम मीडिया प्लानर उनसे रश्क करने लगे हैं। जो छवि कंपनियां अरबों खर्च करके भी नहीं हासिल कर पातीं, वह अण्णा की टीम ने चंदे से मिले चंद लाख में हासिल कर लिया है। जैसे-जैसे भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन जोर पकड़ रहा है, मीडिया और विज्ञापन विशेषज्ञों कहना है कि ब्रांड अन्ना ने भारत में सबको पीछे छोड़ दिया है। सेंटर फॉर मीडियाऔरऔर भी

इस साल सरकार के बाजार ऋण का इंतजाम करना काफी मुश्किल होगा। यह कहा है कि सरकार के मुख्य ऋण प्रबंधन रिजर्व बैंक ने अपनी सालाना रिपोर्ट में। गुरुवार को जारी इस रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ने कहा है कि अभी तरलता की जैसी कसी हुई हालत है और बैंकों ने जिस तरह तय सीमा से ज्यादा निवेश एसएलआर प्रतिभूतियों (सरकारी बांडों) में कर रखा है, वैसे में सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2011-12 के लिए निर्धारित बाजारऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति 13 अगस्त को खत्म हफ्ते के दौरान एक बार फिर दहाई अंक के करीब 9.80 फीसदी पर पहुंच गई। खाद्य वस्तुओं की मंहगाई दर में यह बढ़ोतरी खासकर प्याज, टमाटर, फल व दूध, अंडा और मछली जैसे प्रोटीन के स्रोत वाली चीजों की कीमतों के दबाव के कारण हुई। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति इससे पिछले सप्ताह 9.03 फीसदी पर थी। एक साल पहले इसी अवधि में खाद्य मुद्रास्फीति 14.56 फीसदी थी। सरकारऔरऔर भी

जिस टैक्स को बचाने के लिए लोगबाग अपना धन स्विटजरलैंड के बैंकों में जमा कराते हैं और वह सफेद से काला हो जाता है, उस पर स्विटजरलैंड सरकार ने टैक्स लगाने की शुरुआत कर दी है। ब्रिटेन व जर्मनी के साथ खास समझौते के बाद स्विस बैंकों में जमा वहां के नागरिकों के कालेधन पर टैक्स लगाया जाएगा। भारत व स्विटजरलैंड के बीच ऐसी संधि हो जाने पर भारतीयों के कालेधन पर भी स्विटजरलैंड में टैक्स लगायाऔरऔर भी