एलआईसी संशोधन विधेयक को अगले हफ्ते पहली अगस्त से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा और अब संसद की वित्त संबंधी स्थाई समिति में सारी आपत्तियां दूर हो जाने के बाद उम्मीद है कि इसे आसानी से पारित भी करा लिया जाएगा। यह विधेयक पहली बार 2009 में लोकसभा में पेश किया गया था। लेकिन उस समय लोकसभा भंग हो जाने के बाद इसका मामला अटक किया। विधेयक में लंबे समय सेऔरऔर भी

बताते हैं कि रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ. दुव्वरि सुब्बाराव ने मुद्रास्फीति के मोर्चे पर ठंडी पड़ी सरकार को झटका देने के लिए ही उम्मीद के विपरीत ब्याज दरों को एकबारगी 0.50 फीसदी बढ़ाया है। पिछले 17 महीनों से थोड़ी-थोड़ी ब्याज वृद्धि का डोज काम न आने से हताश रिजर्व बैंक ने तेज झटका देकर गेंद अब सरकार के पाले में फेंक दी है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को भी सुब्बाराव का इशारा समझ में आ गयाऔरऔर भी

विदेशी बैंकों में जमा देश के काले धन को वापस लाने के लिए सरकार ने 97 देशों से बात की है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि विदेशी बैंकों में अवैध रूप से जमा भारतीय पैसे को वापस लाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में मुखर्जी ने कहा कि काले धन को वापस देश में लाने के लिए सरकार लगातार कोशिशऔरऔर भी

तिरुपति के मशहूर मंदिर तिरूमाला तिरूपति देवस्थानम की प्रतिष्ठित श्री सेवा परियोजना को हासिल करने के लिए टीसीएस और विप्रो जैसी तीन कंपनियां दौड़ में लगी हैं। ये कंपनियां सूचना प्रौद्योगिकी सेवा उपलब्ध कराएंगी जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सेवा मिल सकेगी। फिलहाल मंदिर श्रद्धालुओं को ई-सेवा, ई-एकोमोडेशन, ई-सुदर्शनम और ई-हुंडी जैसी चार प्रमुख ई-सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। श्री सेवा परियोजना मंदिर प्रशासन को कमरा व लड्डू जैसी सेवा उपलब्ध कराने में मदद करेगी। तिरूमाला तिरूपति देवस्थानमऔरऔर भी

बाजार में भारी-भरकम शॉर्ट सौदों की भरमार है। लेकिन बाजार का मूल रुझान अब भी नहीं बदला और वह अब भी तेजड़ियों के हाथ में है। कल की तीखी गिरावट यकीनन अचानक सन्न रह जाने की प्रतिक्रिया थी। ठीक एक्सपायरी के पहले ऐसे झटके की उम्मीद कहीं से भी नहीं थी। वैसे, बाजार को जैसे करेक्शन की दरकार थी, यह उस कड़ी का आखिरी करेक्शन था। अब सितंबर में ब्याज दर में किसी वृद्धि की उम्मीद नहींऔरऔर भी

एस्सार समूह की फाइनेंस कंपनी इंडिया सिक्यूरिटीज में उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी ईटीएचएल कम्युनिकेशंस होल्डिंग्स के विलय को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर कल, 26 चेन्नई में कंपनी के शेयरधारकों की बैठक हुई जिसमें विलय के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। इसका सीधा-सीधा लाभ यह होगा कि ईटीएचएल कम्युनिकेशंस होल्डिंग्स के 5042.75 करोड़ रुपए के रिजर्व सीधे इंडिया सिक्यूरिटीज के खाते में आ जाएंगे। दूसरे, एस्सार समूह ने ईटीएचएलऔरऔर भी

कहने को अलेम्बिक लिमिटेड 104 साल पुरानी 30 जुलाई 1907 को बनी भारतीय दवा कंपनी है। ललित मोदी की जगह आईपीएल के चेयरमैन व कमिश्नर बने चिरायु अमीन इसके सीएमडी हैं। एक संयंत्र वडोदरा (गुजरात) तो दूसरा संयंत्र बड्डी (हिमाचल प्रदेश) में है। दुनिया के लगभग 75 देशों में उसकी पहुंच है। कल उसने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। इनके मुताबिक जून 2011 में खत्म तिमाही में उसने 39.55 करोड़ रुपएऔरऔर भी

यहां सब लौकिक है, पारलौकिक कुछ नहीं। हम जिन प्रभावों की वजह देख नहीं पाते, दूसरे उसे पारलौकिक बताकर अपना लौकिक हित साधते हैं। वैसे भी पारलौकिक की सत्ता बराबर सिकुड़ती जा रही है।और भीऔर भी