ई-पंचायत की अवधारणा को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्‍यों व केन्‍द्र-शासित क्षेत्रों को राष्‍ट्रीय पंचायत निदेशिका प्रोफाइलर तैयार करने की सलाह दी है। पंचायती राज मंत्रालय का सुझाव है कि हर पंचायत का एक विशिष्‍ट कोड होना चाहिए, क्‍योंकि सभी आवेदन इन विशिष्‍ट कोड पर आधारित होंगे। मंत्रालय का कहना है कि राज्‍यों को यह काम तुरंत पूरा कर लेना चाहिए। हालांकि अभी जीपीएस 2001 की जनगणना के कोड से मापे जाते हैं।औरऔर भी

बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर मांग की गई है कि चुनाव आयोग को मतदान के दौरान इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में ‘नकारात्मक मतदान’ यानी गोपनीयता के साथ किसी भी उम्मीदवार को वोट नहीं देने के प्रावधान को शामिल करने का निर्देश दिया जाए। ठाणे निवासी महेश बेडेकर ने पीआईएल दाखिल कर अदालत से अनुरोध किया है कि चुनावों के दौरान ‘नकारात्मक मतदान’ की गोपनीयता सुनिश्चित की जानी चाहिए क्योंकि मौजूदा नियमों में ऐसा नहींऔरऔर भी

भारतीय अर्थव्यवस्था साल 2030 तक 30 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी। यह कहना है देश के सबसे ब़ड़े उद्योगपति और रिलायंस समूह के मुखिया मुकेश अंबानी का। भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार अभी 1.4 लाख करोड़ डॉलर का है। ध्यान दें, यहां डॉलर में बात हो रही है। इसलिए रुपए की मुद्रास्फीति का असर इसमें शामिल नहीं है। शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आमसभा को संबोधित करते मुकेश अंबानी ने कहा, “साल 2020 तक भारतीय अर्थव्यवस्थाऔरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज की 37वीं सालाना आमसभा (एजीएम) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने उसकी तारीफ के पुल बांध दिए। सब बता डाला कि कितनी बड़ी कंपनी है, बराबर किस शानदार रफ्तार से हर मोर्चे पर बढ़ी है, वर्तमान कितना दमदार है और भविष्य कितना शानदार होगा। मुंबई के न्यू मरीन लाइंस के बिड़ला सभागार में जुटे शेयरधारकों ने तालियां भी बजाईं। लेकिन बाजार को मुकेश अंबानी के वाग्जाल में कुछ दम नहीं नजर आया। कंपनी का शेयर गुरुवारऔरऔर भी

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि उड़ीसा में वेदांता की एल्युमीनियम रिफाइनरी के लाल मिट्टी वाले तालाब में विषाक्त तत्व हैं और यह स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा  है। हालांकि कंपनी ने इस दावे का खंडन किया है। एमनेस्टी के अनुसार उसे वेदांता की लांजीगढ़ रिफाइनरी के जुड़े कुछ वीडियो मिले हैं जिनमें बारिश के कारण तालाब का तरल कचरा नजदीकी सड़कों पर बहता दिखता है। वेदांता की यह एल्युमिनियम रिफाइनरी 10 लाख टनऔरऔर भी

बाजार पलटकर उठा। सुबह-सुबह सेंसेक्स 18,672.65 और निफ्टी 5604.95 तक चला गया। निफ्टी का यूं 5600 के स्तर को पार करना बड़ी बात थी। लेकिन दोपहर बारह बजे के बाद बाजार अपनी बढ़त को बनाए नहीं रख। माना जा रहा था कि निफ्टी के 5580 के ऊपर पहुंचते ही टेक्निकल एनालिस्ट और बाजार के पंटर भाई लोग लांग होने या खरीद की भंगिमा अपनाने जा रहे हैं। लेकिन शर्त यही है कि निफ्टी को इससे ऊपर बंदऔरऔर भी

साल के साथ साल का संयोग देखने में बना मजा आता है। ठीक साल भर पहले 3 जून 2010 को बैद ग्लोबल वेंचर्स का शेयर 45.70 रुपए पर 52 हफ्ते की तलहटी पकड़े हुए था। अब 186.85 रुपए पर है। इस साल भर के दौरान कंपनी में बहुत कुछ बदल चुका है। पहले इसका मालिक कोई और था, अब कोई और है। पहले इसका नाम लिविंग रूम लाइफस्टाइल लिमिटेड था, फिर चिसेल एंड हैमर (मोबेल) लिमिटेड हुआऔरऔर भी

जो बनाता है, वह बिगाड़ भी सकता है। लेकिन उसके पास बिगाड़ने का हक नहीं होना चाहिए क्योंकि उसकी बनाई चीज सिर्फ उसी की नहीं, औरों की भी होती है। सो, उस चीज को उसके कोप से बचाना जरूरी है।और भीऔर भी