केंद्र सरकार ने देश भर में फैले करीब 2.73 लाख ग्रामीण डाक सेवकों को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा देने के लिए विशेष स्कीम शुरू की है। इसमें डाक सेवक को अपनी तरफ से कोई खर्च या निवेश नहीं करना होगा। भारत सरकार का डाक विभाग हर ग्रामीण डाक सेवक के खाते में प्रति माह 200 रूपए जमा करेगा। इस तरह जमाराशि से 65 साल की उम्र मे रिटायर होने पर ग्रामीण डाक सेवकों और उनके पति/पत्‍नीऔरऔर भी

रक्षा मंत्रालय के पास देश भर में 17 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन है। इस लिहाज से वह देश का सबसे बड़ा भूस्वामी है। उसकी यह जमीन 62 छावनि‍यों और डिफेंस एस्टेट्स में फैली है। जमीन की देखभाल डीजीडीई (डायरेक्टर जनरल ऑफ डिफेंस एस्टेट्स) के जिम्मे है। रक्षा मंत्रालय ने इस जमीन के ऑडिट के लिए विशेष कदम उठाए हैं। हाल के कई घोटालो के मद्देनजर रक्षा भूखंडों के लि‍ए अनापत्‍ति‍ प्रमाणपत्र हासिल करने की प्रक्रि‍या कोऔरऔर भी

विदेशी बैंकों में जमा काले धन का पता लगाने और उसे देश में वापस लाने के लिए कदम उठाने की खातिर एक विशेष जांच दल गठित करने के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एस एस निज्जर ने उस याचिका पर भी फैसला सुरक्षित रख लिया जिसमें सरकार को जर्मनी के लीश्टेंस्टाइन बैंक में काला धन रखने वाले लोगों के नाम सार्वजनिक करने के लिएऔरऔर भी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद सरकार घरलू बाजार में डीजल के दाम अब और ज्यादा समय तक थामे रखने को तैयार नहीं दिख रही और इसमें फिलहाल तीन रुपए प्रति लीटर की बढोतरी की योजना बना रही है। नए दाम की घोषणा पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की मौजूदा प्रक्रिया पूरी होने के साथ की जा सकती है। केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिल्ली में संवाददाताओं से  अनौपचारिक बातचीतऔरऔर भी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सहारा एयरलाइंस के 1450 करोड़ रुपए के अधिग्रहण सौदे की शर्त पूरी नहीं करने के लिए जेट एयरवेज को दो हफ्ते के भीतर सहारा इंडिया को 478 करोड़ रुपए का भुगतान करने का निर्देश दिया है। बुधवार को न्यायमूर्ति धनंजय चन्द्रचूड़ ने हालांकि सहारा की यह दलील खारिज कर दी कि उसे अधिग्रहण के लिए कुल 2000 करोड़ रुपए दिलाए जाएं, जबकि जेट और सहारा के बीच 1450 करोड़ रुपए में सौदा तय हुआऔरऔर भी

अमेरिकी के एक अखबार में छपे लेख में बताया गया है कि चांदी में सट्टेबाजी क्या आलम है। यहां तक कि सट्टेबाजों के कहने पर वहां के कमोडिटी एक्सचेंज ने मार्जिन कॉल जारी करने में देर कर दी। इसके बाद भी चांदी में गिरावट आई तो सही, लेकिन काफी देरी के बाद। भारत की बात करें तो यहां भी सट्टेबाजी सिर चढ़कर बोल रही है। इसमें कोई शक नहीं कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति की गंभीर अवस्थाऔरऔर भी

जूपिटर बायोसाइंसेज दवा उद्योग व बायोटेक्नोलॉजी से जुड़ी 1985 में बनी कंपनी है। बहुत कुछ नायाब बनाती है। लगातार बढ़ रही है। अधिग्रहण भी करती है। हाथ भी मिलाती है। 2006 में हैदराबाद की कंपनी का अधिग्रहण किया तो 2008 में स्विटजरलैंड की एक उत्पादन इकाई खरीद डाली। 2007 में रैनबैक्सी के साथ रणनीतिक गठजोड़ किया। इस मायने में भी यह बड़ी विचित्र कंपनी है कि इसकी 62.43 करोड़ रुपए की इक्विटी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी मात्रऔरऔर भी

जिसके हाथ-पांव बंधे हैं, दिल-दिमाग अंधेरी खोह में निर्वासित है, उसके लिए आज क्या और कल क्या! जब जिंदगी ही नहीं है तो आज की रात को आखिरी रात मान भी ले तो दिन को जी कहां पाएगा?और भीऔर भी