देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का कहना है कि उसकी विभिन्न परियोजनाओं को पर्यावरण संबंधी मंजूरी नहीं मिलने का असर उसके कोयला उत्पादन पर हो सकता है और 2011-12 में भी उत्पादन शायद लगातार दूसरे साल स्थिर बना रहे। सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी की कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 80 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2010-11 में उसका उत्पादन 43.1 करोड़ टन पर लगभग स्थिर रहा था। कोयलाऔरऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने अपनी आईटी परियोजना के लिए इनफोसिस और महिन्द्रा सत्यम सहित चार आईटी फर्मो को छांटा है। प्रभावी पर्यवेक्षण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इरडा ने अपनी बिजनेस एनालिटिक्स परियोजना (बीएपी) के वास्ते आईटी कंपनियों से निविदा आमंत्रित की थी। इस परियोजना के तहत बीमा कंपनियों व नियामकीय निर्णय प्रक्रिया के विश्लेषण के लिए आवश्यक आंकड़े व सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। इरडा द्वारा जिन दो अन्य आईटी कंपनियों को छांटाऔरऔर भी

ग्रहों का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों ने ऐसे प्रमाण ढ़ूंढ़ने का दावा किया है जो यह साबित करते हैं कि सौरमंडल की शुरूआती चट्टानें भुरभुरी और मुलायम थीं। कुर्टीन विश्वविद्यालय, लंदन के इम्पीरियल कॉलेज और लीवरपूल विश्वविद्यालय के इस अंतरराष्ट्रीय दल ने पहली बार ऐसे प्रमाण पेश किए हैं जिनसे सौरमंडल की शुरूआती चट्टानों के बनने के सिद्धांत को समर्थन मिलता है। इस दल की अगुवाई कुर्टीन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर फिल ब्लैंड ने की है। उन्होंने कहा,औरऔर भी

एकल परिवारों के बढ़ते चलन और इससे बुजुर्गों पर पड़ने वाले असर के बारे में किए गए एक ताजा अध्ययन में बताया गया है कि एकल परिवार बुजुर्गों के मानवाधिकार हनन का कारण हैं। इस अध्ययन में कहा गया है कि एकल परिवारों के बढ़ते चलन के कारण वरिष्ठ नागरिक अकेले जिंदगी बिताने के लिए बाध्य होते हैं जिसके परिणामस्वरूप उनकी भावनात्मक और शारीरिक सेहत पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिएऔरऔर भी

भारत ने छह सालों से भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संधि को हस्ताक्षर करने के बावजूद लटका रखा है, यह बात मीडिया में उजागर होते ही वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। सोमवार को चुनाव प्रचार के दौरान कोलकाता मे उन्होंने मीडिया को बताया कि भारत जल्दी 2005 में हस्ताक्षर की गई इस संधि का अनुमोदन कर देगा। इस बीच चुनावी माहौल के बीच वित्त मंत्री मुखर्जी बीजेपी पर बढ़-चढ़कर हल्ला बोलतेऔरऔर भी

अण्णा ने लाखों लोगों के सक्रिय समर्थन से जंग जीत ली है। ऐसा सिर्फ इसलिए मुमकिन हुआ क्योंकि मुद्रास्फीति के बोझ तले दबा आम आदमी भ्रष्टाचार से भयंकर रूप से त्रस्त है। लगता है जैसे, आम आदमी को भ्रष्टाचार के तंदूर में डालकर नेता व अफसर अपनी रोटियां सेंक रहे हों। दरअसल, भ्रष्टाचार मुद्रास्फीति की जड़ है। जितना ज्यादा भ्रष्टाचार, उतना ज्यादा काला धन, उतनी ही ज्यादा सरकारी अफसर की कमाई और इसके चलते आम आदमी परऔरऔर भी

सुप्रीम इंडस्ट्रीज विशाल घरेलू बाजार के दम पर टिकी कंपनी है। देश के प्लास्टिक उद्योग की अग्रणी कंपनी है। गठन आजादी से पहले 1942 में किया गया। खुद की अपनी आर एंड डी सुविधाएं हैं। 18 संयंत्र हैं। क्रॉस लैमिनेटेड फिल्म, पीपी मैट व एसडब्ल्यू पाइपिंग सिस्टम जैसे कई उत्पाद देश में पहली बार लाने का श्रेय कंपनी को जाता है। मोल्डेड फर्नीचर, स्टोरेज व मैटीरियल हैंडलिंग उत्पाद, एक्सएफ फिल्म, इंडस्ट्रियल मोल्डेड उत्पाद, पैकेजिंग व प्लास्टिक पाइपिंगऔरऔर भी

समाज में हमेशा ज्यादातर लोग संतुष्ट रहते हैं या संतोषम् परम सुखम् का जाप करते हैं। कुछ ही लोग होते हैं जो असंतुष्ट रहते हैं। दुनिया को जीने के लिए बेहतर जगह बनाने का काम इन्हीं का होता है।और भीऔर भी