जन्मना-पनपना
पुराने का अपना चुंबकीय क्षेत्र व गुरुत्व है। नया पुराने के ही भीतर जन्मता है, पनपता नहीं। इसलिए असंतोष को दिल में रखकर पुराने में ही कोई कोना पकड़ लेनेवाले लोग नए का सृजन नहीं कर पाते।और भीऔर भी
पुराने का अपना चुंबकीय क्षेत्र व गुरुत्व है। नया पुराने के ही भीतर जन्मता है, पनपता नहीं। इसलिए असंतोष को दिल में रखकर पुराने में ही कोई कोना पकड़ लेनेवाले लोग नए का सृजन नहीं कर पाते।और भीऔर भी
चुनाव भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है – यह कहना है खुद देश के मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी का। हालांकि यह सच देश का हर नागरिक जानता है। लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त के मुंह से इस बात के निकलने का अलग महत्व है। वैसे यह उनकी विवशता को भी दिखाता है कि सब कुछ जानते हुए की वे कुछ नहीं कर सकते। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस वाई कुरैशी ने शुक्रवार को राजधानी दिल्लीऔरऔर भी
जो लोग आत्म-मुग्ध होते हैं, भगवान की जरूरत उन्हें पड़ती हैं और जो अपने से मुक्त हैं, उन्हें गुरु की। भगवान तो अपनी छाया है। उससे क्या डरना और क्या पाना? हां, गुरु जरूर हमें बहुत कुछ देता है।और भीऔर भी
केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित अपने कुल बाजार उधारी का लगभग 60 फीसदी हिस्सा पहली छमाही में ही जुटाएगी। इस तरह सरकार अप्रैल से सितंबर 2011 के बीच कुल 2.5 लाख करोड़ रुपए के बांड जारी कर सकती है। वित्त मंत्रालय में आर्थिक विभाग के सचिव आर गोपालन ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी। बता दें कि केंद्र सरकार ने 2011-12 के बजट में बाजार से कुलऔरऔर भी
देश में उच्च शिक्षा की स्थिति का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण कराने के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के फैसले से राष्ट्रीय ज्ञान आयोग (एनकेसी) के अध्यक्ष सैम पित्रोदा खुश नहीं हैं। उनका मानना है कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में सुधार पर अमल करने में देरी होगी। पित्रोदा ने राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम से इतर कहा, ‘‘मानव संसाधन विकास के उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सर्वेक्षण कराने के फैसले से मैं परेशानऔरऔर भी
चीन का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2010 में विश्व के कुल जीडीपी का 9.5 फीसदी था और वह इस मामले में दूसरे नंबर पर रहा। लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में वह दुनिया के 124 देशों से पीछे है। नेशनल ब्यूरो आफ स्टैटिक्स (एनबीएस) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जीडीपी के मामले में 2005 में विश्व के अन्य देशों के मुकाबले चीन जहां पांचवें स्थान पर था, वहीं 2010 में वह दूसरे स्थान पर आ गया।औरऔर भी
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कहा है कि भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) ने गरीबों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रखी गई रकम का बड़ा हिस्सा मंत्री के लिए हेलीकॉप्टर किराये पर लेने व जनसंपर्क गतिविधियों पर खर्च किया है। कैग द्वारा गुरुवार को संसद में पेश रपट में यह खुलासा किया गया है। इसमें कहा गया है कि सेल ने 2006-10 के दौरान देश भर में अपने संयंत्रों में चिकित्सा शिविर लगाने पर 17.21औरऔर भी
हम लीक से हटकर सोचते और बोलते रहे। भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति एक दृढ़ व सकारात्मक धारणा पर डटे रहे। आज हम सही साबित हो गए। सेंसेक्स व निफ्टी दोनों करीब ढाई फीसदी की बढ़त ले चुके हैं। निफ्टी निर्णायक तौर पर 5600 के पार चला गया। इस महीने ऐसा हो जाएगा, इसकी कल्पना तक बाजार के भाई लोगों ने कतई नहीं की थी। हर कोई बाजार के डूबने की ही भविष्यवाणी कर रहा था। स्थिति यहऔरऔर भी
बाजार में ऐसा बहुत कुछ अजब-गजब चलता रहता है जिस पर हम ध्यान नहीं देते, जबकि ध्यान देते रहना चाहिए। हालांकि ध्यान देने का असली काम तो स्टॉक एक्सचेंजों और सेबी का है। वे ध्यान देंगे, तभी हालात सुधर सकते हैं। हम तो ध्यान देकर बस ‘विचित्र, किंतु सत्य’ का आनंद ही ले सकते हैं। जैसे, कल बीएसई में एनसीसी लिमिटेड (कोड – 500294) के 8.02 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, लेकिन आप यकीन नहीं करेंगे किऔरऔर भी
यहां से वहां तक समुद्र। लहरों के बीच में हम। गले तक पानी। धरती नजर ही नहीं आती। कितना घबराते हैं हम! लेकिन समुद्र की बूंदें तो लहरों के साथ कुलांचे मारती हैं। हम भी तो बूंद ही हैं जन समुद्र की।और भीऔर भी
© 2010-2025 Arthkaam ... {Disclaimer} ... क्योंकि जानकारी ही पैसा है! ... Spreading Financial Freedom