केंद्र सरकार ने दो दवाओं के इस्‍तेमाल पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। ये दवाएं हैं – गैटीफ्लॉक्‍सासिन और टेगासेरॉड। सरकार ने यह फैसला इन दवाओं से स्‍वास्‍थ्य को हो रहे खतरे को देखते हुए लिया है। सरकार का कहना है कि इन दवाओं सुरक्षित विकल्‍प मौजूद हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इन दवाओं के उत्‍पादन, बिक्री व वितरण पर जनहित में रोक लगाना आवश्‍यक है। यह रोक ड्रग्‍स एंड कॉस्मेटिक्‍स एक्ट, 1947 की धाराऔरऔर भी

थोक व्यापारी हो या फिर खुदरा दुकानदार, विश्व कप क्रिकेट के बुखार के चलते सबका धंधा मंदा हो गया है। खासकर टीम इंडिया के मैच के दिन तो बाजार से खरीदार पूरी तरह ‘गायब’ हो जाते हैं। राजधानी दिल्ली में सामान्य दिनों में जहां औसतन कारोबार 500 करोड़ रुपए का रहता है, वहीं टीम इंडिया के मैच के दिन यह घटकर 300 करोड़ रुपए पर आ जाता है। अब चूंकि विश्व कप का नॉकआउट दौर शुरू होऔरऔर भी

दुनिया की जानीमानी सलाहकार फर्म मैकेंजी एंड कंपनी के पूर्व प्रमुख और अमेरिका में इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों से घिरे रजत गुप्ता ने आखिरकार हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) की कार्यकारिणी समिति के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। सोमवार को इंडियन बिजनेस स्कूल ने उनके त्यागपत्र की पुष्टि कर दी। अब स्कूल की कार्यकारिणी समिति के नए चेयरमैन का तलाश शुरू हो गई है। आईएसबी के प्रवक्ता ने हैदरबाद में कहा, “रजत गुप्ताऔरऔर भी

जापान में हालात सामान्य होने लगे हैं। फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के सभी छह रिएक्टरों में बिजली बहाल हो गई है। यहां से जापान में पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी और वहां की नई मांग से दुनिया में जिंसों के भाव बढ़ सकते हैं। इस बीच लीबिया पर पश्चिमी देशों के सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल के दाम फिर उठने लगे हैं। लेकिन यह मसला भी जल्दी ही सुलझ जाएगा। गद्दाफी लंबे समय तक खुद को बचाएऔरऔर भी

आप हमें हंस मानें या न मानें, लेकिन हम समुंदर की तलहटी से आपके लिए मोती चुगकर लाने की कोशिश में लगे हैं। ऐसा ही एक मोती है सूर्या फार्मास्यूटिकल। इसका एक रुपए अंकित मूल्य का शेयर (बीएसई – 532516, एनएसई – SURYAPHARM) अभी 21.40 रुपए पर चल रहा है। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (शुद्ध लाभ प्रति शेयर) 5.42 रुपए है तो शेयर का पी/ई अनुपात मात्र 3.95 निकलता है। इस शेयर कीऔरऔर भी

दुनिया में ऐसा कुछ नहीं जो किसी न किसी को पता न हो या उसे जानने की कोशिश न चल रही हो। सबको सब पता रहे, जरूरी नहीं। लेकिन ज़िंदगी का दायरा जितना बड़ा हो, उतना तो जानना जरूरी है।और भीऔर भी