ज़िंदगी को संवारने में बड़ी जद्दोजहद करनी पड़ती है। इस बीच थकने-हारने पर रोना आए तो रो लेना चाहिए जी भर। आखिर रोने में क्या बुराई! रोने से मन हल्का होता है और हल्का मन उड़ने लगता है, हल्के-हल्के।और भीऔर भी

राजस्थान के बाडमेर इलाके में बड़े पेट्रोलियम तेल भंडार की मालिक, केयर्न इंडिया शेयर बाजार से डीलिस्ट हो सकती है। समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीओ) के अनुसार वेदांता समूह केयर्न इंडिया की 51 फीसदी हिस्सेदारी 800-850 करोड़ डॉलर (37250 करोड़ रुपए से 39590 करोड़ रुपए) में खरीदने जा रहा है। इस सौदे की औपचारिक घोषणा अगले हफ्ते सोमवार को हो सकती है। कंपनी में नियंत्रकारी स्थिति हासिल करने के बाद वेदांता समूह केयर्न इंडिया कोऔरऔर भी

बाजार तेजी के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। वोलैटिलिटी सूचकांक अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर 18 फीसदी पर है। रीयल्टी स्टॉक्स की धूम है। दूसरा सेक्टर जिसमें बाजार तेजी की राह पकड़ रहा है, वह है सीमेंट। देखिएगा कि अगले तीन महीनों तक इस सेक्टर के स्टॉक कहां से कहां तक जाते हैं। मैं मानता हूं कि नवंबर से पहले एसीसी चार अंकों में चला जाएगा। बाकी आपको समझना है। निफ्टी सारी रुकावटें तोड़औरऔर भी

सुपर टैनरी (बीएसई कोड-523842) कानपुर की पुरानी कंपनी है। जूते बनाती है, निर्यात करती है। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक्सपोर्ट हाउस है। इसके बारे में दो खास चौंकानेवाली बातें हैं। एक, इस साल जून की तिमाही में उसकी बिक्री में 72 फीसदी और शुद्ध लाभ में 250 फीसदी वृद्धि हुई है। दो, इसने मार्च 1993 में अपने पब्लिक इश्यू में 10 रुपए का शेयर 55 रुपए प्रीमियम यानी 65 रुपए मूल्य पर जारी किया था, लेकिनऔरऔर भी

ठगों से भरी बस्ती में किसी पर विश्वास करना घातक है। तो क्यों न बस्ती ही बदल दी जाए? ऐसा संभव है क्योंकि सहज विश्वास मूल मानव स्वभाव है, जबकि ठगी समाज की देन है। और, समाज को बदला जा सकता है।और भीऔर भी

अचानक उल्लास और उत्साह के बीच आर्थिक मोर्चे से दो बुरी खबरें मिली हैं। जून महीने में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि दर 13 महीनों के न्यूनतम स्तर 7.1 फीसदी पर पहुंच गई है। यह पिछले साल जून में आर्थिक सुस्ती के बावजूद 8.3 फीसदी थी। दूसरे, कुछ हफ्तों से इकाई में आ गई खाद्य मुद्रास्फीति की दर 31 जुलाई को खत्म सप्ताह में बढ़कर 11.4 फीसदी हो गई है। हालांकि इन दोनों ही नकारात्मक खबरोंऔरऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) और पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के बीच यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी) को लेकर मची जंग के पटाक्षेप के बाद अब बीमा कंपनियों के लिए संभवत: यूलिप का आकर्षण कम हो सकता है। लिहाजा अब वे यूनिवर्सल लाइफ पॉलिसी (यूएलपी) लाने की संभावनाएं तलाश कर रही हैं। एक उत्पाद में दो फायदे: यूएलपी दरअसल एक उत्पाद में दो प्रकार की पॉलिसियों के फायदे देती है। यह यूलिप व परंपरागत प्लान कीऔरऔर भी

कुछ दिनों पहले हमने टाटा मोटर्स और एसबीआई की बात उठाई थी और इन दोनों ही शेयरों ने औरों से ज्यादा तेजी दिखाई है। आरडीबी को आईटीसी द्वारा खरीदने की बात अब पीटीआई, सीएनबीसी, एनडीटीवी, ब्लूमबर्म और रॉयटर्स जैसे कई समाचार माध्यमों में आ गई है। निश्चित रूप से अब इसका खंडन भी आएगा क्योंकि 350 करोड़ रुपए में सौदे की बात कही गई है, जबकि आरडीबी का बाजार पूंजीकरण अभी मात्र 75 करोड़ रुपए है। इसलिएऔरऔर भी

कंपनी लॉ बोर्ड में 31 जुलाई 2010 तक 2688 मामले लंबित हैं। बोर्ड में नियमतः कुल नौ पद हैं जिसमें एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और सात अन्य सदस्य हैं। लेकिन उपाध्यक्ष और दो सदस्यों का पद खाली पड़ा है। इस तरह व्यावहारिक रूप से अभी बोर्ड में अध्यक्ष और पांच सदस्य ही हैं। कॉरपोरेट कार्य मंत्री सलमान खुर्शीद के मुताबिक लंबित मामलों की वजह सीएलबी के रिक्त पद नहीं है। उनका कहना है कि एक उम्मीदवार कोऔरऔर भी

लॉयड इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग (बीएसई कोड-517518) की प्रति शेयर बुक वैल्यू 136.15 रुपए है। लेकिन बाजार में दस रुपए अंकित मूल्य के उसके शेयर का ग्राफ नीचे ही नीचे जा रहा है। कल यह बीएसई में 3.07 फीसदी गिरकर 77.25 रुपए और एनएसई में 3.50 फीसदी गिरकर 77.10 रुपए पर बंद हुआ है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 680.81 करोड़ रुपए की आय पर 39.17 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है और उसका सालाना ईपीएसऔरऔर भी