हां, दुनिया के बाजारों ने भारतीय बाजार को एक और आवेग दिया जिससे निफ्टी फिर से 6215 तक चला गया। हालांकि वह एक बार 6248 के खतरे के निशान को भी छू गया था। लेकिन मैं अब भी निफ्टी के बारे में तेजी की धारणा पालने को तैयार नहीं हूं। मैं यही चाहूंगा कि मेरे साथ चलनेवाले भी इस मामले में पर्याप्त सावधानी बरतें। मैंने निफ्टी, ऑटो और बैंकिंग में बेचने की सलाह दी थी, लेकिन उसेऔरऔर भी

रज़िया फंस गई गुंडों में। कुछ यही हाल पिछले दिनों कूटोंस रिटेल इंडिया का रहा है। महीने भर पहले 6 सितंबर को इसका शेयर (बीएसई कोड – 532901, एनएसई कोड – KOUTONS) 318 रुपए पर था। लेकिन कुछ खिलाड़ी इसके पीछे ऐसे हाथ धोकर पड़े कि इसे 4 अक्टूबर को गिराकर 139.95 रुपए तक ले गए। कल यह 154.90 रुपए पर बंद हुआ है। महीने भर में 55 फीसदी से ज्यादा की गिरावट किसी को भी तोड़औरऔर भी

हमारे शरीर में एक स्वतंत्र प्रणाली बराबर काम करती है। चेतना कोई फैसला करे, दिमाग इससे पहले ही फैसला कर चुका होता है। लेकिन इंसान होने का लाभ यह है कि चेतना दिमाग के फैसले को पलट भी सकती है।और भीऔर भी

रूस में जन्मे और अब ब्रिटेन के मैनचेस्टर विश्वविद्यालय में कार्यरत दो वैज्ञानिकों को हैरतअंगेज गुणों वाले एक पदार्थ पर अभूतपूर्व काम करने के लिए वर्ष 2010 में भौतिक शास्त्र का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से देने की घोषणा की गई है। ग्राफीन पर किए गए अनुसंधान के लिए आंद्रे जीम और कोंसटान्टिन नोवोसेलोव को नौ लाख पाउंड का यह पुरस्कार देने की घोषणा की गई। डॉ. जीम ने इस समाचार पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा, ‘‘मैंऔरऔर भी

विश्व बैंक ने तीन भारतीय कंपनियों और एक कारोबारी पर बंदिश लगा दी है कि वे भारत में उसकी परियोजना में भाग नहीं ले सकते। उसका कहना है कि इन कंपनियों और उस शख्स से उसके साथ कामकाज करते हुए धोखाधड़ी की है। ये तीन कंपनियां हैं – बीएसई में लिस्टेड अंबालाल साराभाई एंटरप्राइसेज, मुंबई की केमितो टेक्नोलॉजीज और नई दिल्ली की ग्लोबल स्पिन वीव लिमिटेड। साथ ही ग्लोबल स्पिन वीव के निदेशक सुधीर अग्रवाल पर अलगऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी भले ही मानते हों कि देश में विदेशी पूंजी प्रवाह का बढ़ना चिंता की बात नहीं है। न ही वे मुद्रास्फीति के दबाव को लेकर चिंतित हैं। लेकिन रिजर्व बैंक इन दोनों ही मुद्दों को लेकर गंभीर है। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने मंगलवार को मुंबई में प्राइवेट इक्विटी इंटरनेशनल इंडिया फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि विदेशी पूंजी का यूं बहते चले आना खतरे की आशंका पैदा करऔरऔर भी

जो भी लोग समझते हैं कि बाजार में करेक्शन इतनी आसानी से आ जाएगा, उनका गलत साबित होना तय है। हां, मैं निफ्टी, बैंकिंग व ऑटो स्टॉक्स को लेकर तेजी की धारणा नहीं रखता, लेकिन मैं रीयल्टी, आइरन ओर और कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों के शेयरों को लेकर जरूर तेजी की सोच रखता हूं। वीआईपी का हाल अभी क्या चल रहा है? इसे मैंने 34 रुपए पर पकड़ा था। आज यह 800 रुपए पर पहुंच चुका है। ट्रेडरऔरऔर भी

ऑर्किड नहीं आर्किडप्लाई इंडस्ट्रीज नाम है उसका। उसके शेयर एनएसई (कोड – ARCHIDPLY) और बीएसई (कोड – 532994) में लिस्टेड हैं। बी ग्रुप के इस शेयर का अंकित मूल्य 10 रुपए है। उसकी मौजूदा बुक वैल्यू 48.38 रुपए है, जबकि शेयर का भाव चल रहा है 32.90 रुपए। कल ही बीएसई में इसमें 3.79 फीसदी और एनएसई में 2.52 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। मोटी-सी बात है कि कोई शेयर अगर अपनी बुक वैल्यू सेऔरऔर भी

कायर से गठजोड़ कभी न करो क्योंकि वह सिर्फ अपनी चमड़ी देखता है। किसी की परवाह नहीं करता। उसके हाथ में सत्ता हो तो उसे तानाशाह बनते देर नहीं लगती। कमाल तो यह है कि लोग उसे बहादुर समझते हैं।और भीऔर भी

दुनिया में दिवसों के नाम पर बहुत से चोचले चल गए हैं। इसी में शामिल है वर्ल्ड हैबिटैट दिवस जो किसी तारीख को नहीं, बल्कि हर साल अक्टूबर महीने के पहले सोमवार को मनाया जाता है। चूंकि यह संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था की देन है और भारतीय जनमानस इसे पचा नहीं पाया है, इसलिए इसके लिए हिंदी या अन्य भारतीय भाषाओं में कोई शब्द नहीं बन पाया है। सरकार इसे विश्व पर्यावास दिवस कहती है। हैबिटैटऔरऔर भी