laxmi and begum

आपने भी देखा होगा। मैंने भी देखा है। सड़क के किनारे, गली के नुक्कड़ पर, बस अड्डों के पास, ट्रेन के डिब्बों में कभी-कभी एक आदमी नीचे बैठा ताश के छह पत्तों को उल्टी तरफ से दो-दो की जोडियों में खटाखट तीन सेट में रखता जाता है। आसपास कम से कम तीन लोग खड़े रहते हैं जो उसे घेरकर दांव लगाते हैं। दांव यह होता है कि जिसके बताए पत्ते के पलटने पर बेगम निकलेगी, उसके सौऔरऔर भी

धरती गोल है। लगती है चौरस। इस तीन आयामी दुनिया में सब कुछ ऐसा ही लगता है। लेकिन जो लगता है, वही सच नहीं होता। सच तक पहुंचने के लिए चौथी विमा या आयाम यानी समय को फ्रेम में लाना जरूरी है।और भीऔर भी

अमेरिका में एच-1बी और एल-1 वीजा शुल्क में भारी वृद्धि का प्रस्ताव 14 अगस्त से प्रभावी हो गया है। इस वृद्धि से भारतीय आईटी कंपनियों पर सालाना 25 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। अमेरिका के इस कदम का भारत ने विरोध किया है। भारत का कहना है कि सीमा सुरक्षा विधेयक के तहत वीजा शुल्क में की गयी यह वृद्धि उसकी कंपनियों के लिए भेदभावपूर्ण है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा नेऔरऔर भी

हमारे शेयर बाजार में पब्लिक या आम निवेशकों की भागीदारी लगातार घटती जा रही है। दूसरी तरफ विदेशी निवेशक लगातार इस स्थिति में बने हुए हैं कि उनके अकेले की ताकत पब्लिक समेत तमाम भारतीय निवेशकों के लगभग बराबर बैठती है। रेलिगेयर कैपिटल मार्केट्स की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों की शेयरधारिता में आम निवेशकों का हिस्सा जून 2008 में 9.24 फीसदी था, लेकिन जून 2010 तक यह घटकर 8.16 फीसदी रह गया। इस दौरानऔरऔर भी

पहले ज्योतिष के आधार पर अफवाह फैलाई गई कि बाजार 13 अगस्त को धराशाई हो जाएगा। फिर 1937 में हादसे का शिकार हुए एक जर्मन जहाज हिन्डेनबर्ग के नाम पर बने टेक्निकल अपशगुन से डराया गया कि सितंबर में दुनिया के बाजार ध्वस्त हो जाएंगे। अब अपने यहां एक पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन चल रहा है जिसमें कहा गया है कि सेंसेक्स 18,600 से आगे नहीं जा सकता और 14,600 अंक तक गिरता चला जाएगा। इस ‘भविष्यवाणी’ कोऔरऔर भी

हीरों की खदानें भले ही अफ्रीकी देशों, आस्ट्रेलिया, कनाडा और रूस में हों, लेकिन दुनिया के हर 11 हीरों में से नौ को तराशने और पॉलिश करने का काम सूरत में होता है। सूरत का हीरा उद्योग 65,000 करोड़ रुपए का है। वहां इसकी करीब 4500 इकाइयां हैं। दुनिया में रफ डायमंड की 70-80 सप्लाई डी बीयर्स, अलरोसा, रियो टिन्टो व बीएचपी बिलिटन जैसी अंतरराष्ट्रीय खनन कंपनियां करती हैं। इसमें अकेले डी बीयर्स का हिस्सा 45-50 फीसदीऔरऔर भी

जिंदल सॉ ओपी जिंदल समूह की अगुआ कंपनी है। तरह-तरह के ट्यूब और पाइप बनाती है। 1984 में उसने शुरुआत सॉ (सबमर्ज्ड आर्क वेल्डेड) पाइप बनाने से की थी। उसके उत्पादों का व्यापक इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन व इंजीनियरिंग के काम में होता है। हाल ही में उसने इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन व फैब्रिकेशन के लिए जिंदल आईटीएफ नाम से अलग सब्सिडियरी बनाई है। जमा-जमाया धंधा है। प्रबंध दुरुस्त है। लक्ष्य स्पष्ट है। कंपनी बराबर फालतू चीजों से मुक्ति पाकर मूल्य-सृजनऔरऔर भी

विनाश के बिना सृजन नहीं होता। और, सृजन में हर किसी की अपनी-अपनी भूमिका होती है। सृजन और विनाश के देवता शंकर के गणों में कोढ़ी, लूले, लगड़े, अपाहिज और भूत-वैताल तक शुमार किए गए हैं।और भीऔर भी

हिंदू धर्म समेत इस्लाम व ईसाई धर्म में भी सात आसमानों की बात की गई है, जिसे अंग्रेजी में सेवन हैवन्स कहते हैं। सात आसमान का मतलब सात लोकों से है। इनमें से तीन कृतक लोक हैं – भू लोक, भुवःलोक, स्वःलोक और चार अकृतक लोक हैं – महर्लोक, जनलोक, तप लोक, सत्य लोक। तांत्रिक वांग्मय में पांच आकाश गिनाए गए हैं। श्वेत वर्ण ज्योतिरूप आकाश, रक्त वर्ण परारूप आकाश, धूम्र वर्ण ज्योतिरूप महाकाश, नील वर्ण ज्योतिरूपऔरऔर भी

मैं काफी समय से आपको बता रहा था कि सीमेंट क्षेत्र में कोई सुस्ती नहीं है। हालांकि मानसून के दौरान कम उठाव के चलते पहली तिमाही बुरी रही है। सीमेट के दाम प्रति बोरी 20 रुपए गिर गए और सारे एनालिस्ट आपको इससे बाहर निकलने का रास्ता दिखाने लगे। लेकिन हमने नई हलचल को सबसे पहले पकड़ा और आज सीमेंट कंपनियों ने मुंबई में प्रति बोरी दाम 10 रुपए बढ़ा दिए। आप समझ सकते हैं कि मैंऔरऔर भी