केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय ने तय किया है कि अब नेशनल टेक्सटाइल्स कॉरपोरेशन (एनटीसी) अपनी बंद पड़ी मिलों की जमीन ई-ऑक्शन के जरिए ही बेचेगी। यह फैसला कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन के निर्देश पर लिया गया है। इस समय एनटीसी को मुंबई में बंद पड़ी अपनी मिलों – भारत टेक्सटाइल मिल्स और पोद्दार टेक्सटाइल मिल्स की जमीन बेचनी है। इसके लिए वह अखबारों में ई-ऑक्शन का विज्ञापन निकलवा चुकी है। गौरतलब है कि अभी तक एनटीसी अपनी अचलऔरऔर भी

बेस रेट तो लागू हो गया, लेकिन पुराने होम लोन के ब्याज का क्या होगा? नया होम लोन तो बैंक अपने बेस रेट के हिसाब से देंगे। जो ऋण नवीकरण के लिए आएंगे, उन पर भी बेस रेट की नई प्रणाली लागू होगी। जिन बैंकों ने शुरुआती सालों के लिए 8, 8.25 या 8.50 फीसदी ब्याज दर वाली विशेष स्कीमें पेश की थी, उन्हें और उनके ग्राहकों को कोई परेशानी नहीं है। एसबीआई या एचडीएफसी की तरहऔरऔर भी

भारत बंद की व्यापक सफलता के बीच सरकार के आला अधिकारी मुद्रास्फीति पर जल्द ही काबू पा लेने का दावा कर रहे हैं। पहले योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोटेंक सिंह आहलूवालिया ने ऐसी बात कही। उसके बाद वित्त सचिव अशोक चावला ने कहा कि खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति कुछ महीनों के भीतर 5-6 फीसदी के स्वीकार्य स्तर पर आ जाएगी। अशोक चावला ने सोंमवार को राजधानी में राज्य राजमार्गों पर आयोजित एक सम्मेलन के दौरान अलग सेऔरऔर भी

रिलायंस पावर का 3.91 फीसदी बढ़कर 182 रुपए और आरएनआरएल का 27.10 फीसदी घटकर 46.40 रुपए पर बंद होना विलय के अनुपात के हिसाब से मूल्यों का समायोजन है। ऐसा तो होना ही था। श्राडेर डंकन को भी आज बढ़ना था और उस पर ऊपरी सर्किट ब्रेकर भी लगना ही था। कारण, समाचार एजेंसी ने वह खबर चला दी थी और प्रमुख आर्थिक अखबार ने छाप दी थी जिसकी हांक हम महीने भर पहले से लगा रहेऔरऔर भी

महंगाई खासकर पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और केरोसिन के मूल्य बढ़ाने जाने के खिलाफ आज देश के ज्यादातर राज्यों में व्यावसायिक व आर्थिक गतिविधियां ठहर गईं। शेयर बाजार तक इससे अछूता नहीं रहा जहां कारोबार की कुल मात्रा घटकर महज 46426 करोड़ रुपए रह गई, जबकि वहां औसत कारोबार एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का होता रहा है। एनएसई में फ्यूचर एंड ऑप्शन (एफ एंड ओ) सेगमेंट में 35804 करोड़ का कारोबार हुआ और कैश सेगमेंट मेंऔरऔर भी

पैसा बांटने से घटता है। लेकिन ज्ञान को जितना बांटों,  बढ़ता जाता है। ज्ञान तो शहद की तरह है। फूल से निकलता है तो बढ़ता ही है। मधुमक्खियां उसे ले जाकर पूरा छत्ता ही बना लेती हैं।और भीऔर भी

डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स के 1,79,911 शेयर (0.07 फीसदी इक्विटी) एलआईसी ने 26 अप्रैल 2010 को खरीदे थे। उस दिन बीएसई में इसका बंद भाव 153.50 रुपए था। उसके बाद से बीते शुक्रवार 2 जुलाई 2010 तक यह 20 फीसदी गिरकर 122.40 रुपए पर आ चुका है। जाहिर-सी बात है कि एलआईसी दूरगामी संभावनाओं के आधार पर निवेश करता है और अगर उसे डेक्कन क्रॉनिकल में 153.50 पर संभावना दिख रही थी तो हमारे लिए 122.40 रुपए केऔरऔर भी