मैं कोई भी नए स्टॉक्स लेने से पहले इंतजार करूंगा कि बाजार रोलओवर के दौर से गुजरकर थोड़ा स्थायित्व हासिल कर ले। हालांकि मेरी नजर में अभी कम से कम दर्जन भर शेयर ऐसे हैं जिनमें अच्छी खबरें आ रही हैं ओर वे हमारे स्ट्रीट कॉल सेक्शन में शामिल हो सकते हैं। मैंने अधिग्रहण के बारे में शिवालिक बाईमेटल के प्रबंधन की तरफ से आया खंडन पढ़ा। अच्छा है। मैं कंपनी के प्रबंधन में होता तो मैंनेऔरऔर भी

औरों की भलाई में ही अपना भला है या अपने हित में ही सबका हित है? दोनों ही सोच अपने विलोम में बदल जाती हैं। इसका सबूत पहले समाजवाद के पतन और अब अमेरिका व यूरोप के संकट ने पेश कर दिया है।और भीऔर भी

जिंदगी में पहले से ही सब कुछ पता हो तो वह कितनी बोरिंग हो जाएगी? फिर भी हम कल क्या होनेवाला है, इसका पता लगाने में जुटे रहते हैं। यही हाल शेयर बाजार का है। पारदर्शिता कितनी भी बढ़ जाए, पहले से सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है कि कल ठीक-ठीक क्या होनेवाला है, कौन-से शेयर बढ़ेंगे, कौन-से गिरेंगे। जानने की इच्छा के बीच अज्ञात का थ्रिल। इसी भाव से शेयर बाजार को देखिए। अच्छा लगेगा। आज केऔरऔर भी

हिंदुस्तान यूनिलीवर ने अपने शेयर 280 रुपए के मूल्य पर वापस खरीदने या बायबैक का प्रस्ताव रखा है। कनानिधि मारन ने स्पाइसजेट की 20 फीसदी इक्विटी खरीदने का ओपन ऑफर पेश किया है। इधर न्यूनतम 25 फीसदी पब्लिक होल्डिंग के अनिवार्य नियम के बाद कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने शेयरों को स्टॉक एक्सचेंजों से डीलिस्ट कराने के बारे में सोच रही हैं। आखिर क्या है यह बायबैक, ओपन ऑफर और डीलिस्टिंग? आप इनमें कैसे शिरकत कर सकते हैं?औरऔर भी

अभी हमारे शेयर बाजारों में सात गोल्ड ईटीएफ लिस्टेड हैं। इन सभी में एक यूनिट एक ग्राम सोने के समतुल्य है। लेकिन सभी के दाम अलग-अलग हैं। यहां तक कि इनमें घट-बढ़ भी अलग-अलग होती है, जबकि सोने के दाम तो समान रूप से ही बढ़ते-घटते हैं। जैसे, 16 जून 2010 को बीएसई में बेंचमार्क गोल्ड बीज़ 0.66 फीसदी बढ़कर 1838.99 रुपए, कोटक गोल्ड ईटीएफ 0.23 फीसदी बढ़कर 1830.15 रुपए, क्वांटम गोल्ड ईटीएफ 0.23 फीसदी बढ़कर 910.05औरऔर भी

कब कौन-सा शेयर क्यों बढ़ जाएगा, कोई ठीक से नहीं बता सकता है। हमारे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी एक बार ऐसी बात कह चुके हैं कि हमारा शेयर बाजार क्यों बढ़ जाता है, गिर जाता है, पता नहीं। उन्होंने यह भी कहा था कि शेयरों के बढ़ने-गिरने के इस खेल में कोई बेचता है तभी तो कोई खरीदता है। एक का घाटा दूसरे का फायदा होता है। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि दूसरे बाजारोंऔरऔर भी

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय जल्द ही गंगा ज्ञान केंद्र की स्थापना करने जा रहा है। इस केंद्र में दुनिया की सबसे बड़ी नदी की सफाई के काम से लेकर  योजनाओं और नीतियों के बारे में तमाम जानकारी मौजूद रहेगी। मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजीव गाउबा के मुताबिक इस ज्ञान केंद्र में एक ही स्थान पर प्रदूषण की स्थिति, गंदे पानी के शोधन संयंत्र और गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने की भविष्य की नीतियों के बारे में सारी जानकारीऔरऔर भी

बाजार में अगले कुछ कारोबारी सत्रों को लेकर हमारी धारणा तेजी की नहीं है। इसलिए हमने कुछ पुरानी कॉल्स को छोड़कर, जिन्हें थोड़ा समय चाहिए, बाकी सारी बकाया कॉल्स रोक दी हैं। कारण, हम बाजार में दोबारा घुसने के लिए माकूल वक्त का इंतजार करना चाहते हैं। प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) का संशोधित मसौदा बाजार के लिए वाकई बुरा है क्योंकि एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) शेयरों के सौदों पर टैक्स देना नहीं पसंद करेंगे। अभी तक एफआईआईऔरऔर भी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) शेयरों की तरह म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए भी डीमैट खातों को जरूरी बनाने पर विचार कर रहा है। सेबी मे इस बारे में बीते मई माह में म्यूचुअल फंडों के साझा मंच एम्फी (एसोसिशयन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) को एक पत्र भेजकर पूछा था कि क्यों न म्यूचुअल फंड निवेश को भी डीमैट एकाउंट से जोड़ दिया जाए। एम्फी को अपने सुझाव 15 जून, मंगलवार तक सेबी केऔरऔर भी