बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने सोमवार को बाजार बंद होने के बाद शाम पौने पांच बजे एक नोटिस जारी कर एक्सचेंज के ट्रेडिंग सदस्यों को सूचित किया है कि मंगलवार, 22 जून को आरडीबी इंडस्ट्रीज के शेयरों पर कोई सर्किट फिल्टर नहीं लगेगा ताकि सदस्य इस शेयर में ‘रीयलिस्टिक प्राइस लेवल’ पर सौदे कर सकें। फिर अगले ही वाक्य में जैसे कोई जीभ दबाकर बोलता है, वैसे ही बीएसई ने अपनी नोटिस में लिखा है कि ट्रेडिंगऔरऔर भी

अजीब भेड़चाल चलती है हमारे बाजार में। धारा के साथ बहना लोगों की आदत हो गई है। निफ्टी जब 4800 पर चला गया था तो एक भी शख्स ऐसा नहीं था जो कहता कि यह फिर से 5300 तक जाएगा, वह भी इसी सेटलमेंट में। लेकिन ऐसा हो गया। निफ्टी एक तरह से नए शिखर पर पहुंच गया है जबकि बीएसई सेंसेक्स 18,000 को पार करने से ज़रा-सा चूक गया। तो, अब पूरा बाजार एक ही रागऔरऔर भी

शायद आपको नहीं पता होगा कि एलनेट टेक्नोलॉजीज तमिलनाडु सरकार की कंपनी है। इसमें तमिलनाडु सरकारी की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी एलकॉट (इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ तमिलनाडु लिमिटेड) की 51.48 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी है। इसके शेयर में इधर जबरदस्त हलचल शुरू हो चुकी है। कारण यह है कि कंपनी की सालाना आमसभा (एजीएम) 21 जुलाई को है जिसमें तीन बड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद है। एक, यह तारामनी में अपनी 800 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी बेच सकतीऔरऔर भी

सूर्या रोशनी में सब कुछ है। नाम है, धंधा है, ब्रांड है। 1973 में बनी पुरानी कंपनी है। बिजली के नए से नए लैंप व ट्यूबलाइट के साथ ही वह स्टील के पाइप व स्ट्रिप भी बनाती है। प्रबंधन चौकस है। 2009-10 में उसने 1938.93 करोड़ रुपए के कारोबार पर 45.17 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। उसकी प्रति शेयर बुक वैल्यू अभी 88.71 रुपए है और प्रति शेयर लाभ (ईपीएस) है 16.23 रुपए। लेकिन शेयरऔरऔर भी

जो सबसे अच्छा है, वह लोकप्रिय भी हो, जरूरी नहीं। कहते हैं जो सबसे ज्यादा दिखता है, वही सबसे ज्यादा बिकता है। लेकिन वह सर्वोत्तम तो नहीं होता। हमें तो सर्वोत्तम चाहिए, खोटा सिक्का नहीं।और भीऔर भी

हड्डियों के कमजोर होने का खतरा, दांत पीले पड़कर गिरने का खतरा और ऐसे ही न जाने कितने और बीमारियों का अंदेशा। चौंकिए नहीं, हम धूम्रपान या नशीले पदार्थों की बात नहीं कर रहे। बल्कि यह मसला उस चावल का है जिसमें आर्सेनिक यानी संखिया के अंश मिले हैं। पूर्वी राज्यों के मुख्य भोजन में शामिल बोरो चावल आर्सेनिक की मौजूदगी के कारण अचानक खतरनाक हो गया है। यह जोखिम अन्य चावलों पर लागू नहीं होता है।औरऔर भी

अब 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में यूलिप विवाद पर सुनवाई का कोई मतलब नहीं रह गया है क्योंकि सरकार ने इससे जुड़े चार के चार कानूनों – आरबीआई एक्ट 1934, इश्योरेंस एक्ट 1938, सेबी एक्ट 1992 और सिक्यूरिटीज कांटैक्ट रेगुलेशन एक्ट 1956 में संशोधन कर दिया है। शुक्रवार 18 जून को देर रात राष्ट्रपति की तरफ से इन संशोधनों को अध्यादेश के रूप में जारी करवा दिया गया है। जब तक संसद के दोनों सदन किसीऔरऔर भी

राजनीति में अपराध और धन के हावी होने का दोष अक्सर अनपढ़, गंवार और जाति-धर्म के दलदल में धंसी जनता पर मढ़ दिया जाता है। लेकिन यह कितना बड़ा झूठ है, यह साबित कर देता है 14 व 17 जून को दो चरणों में संपन्न हुआ राज्यसभा का चुनाव जिसमें चुनने का काम हमारे सांसद और विधायक जैसे जनप्रतिनिधि ही करते हैं। यह साबित कर देता है कि राजनीतिक पार्टियों का आलाकमान और उनके ज्यादातर नेता भाषणोंऔरऔर भी

भावनाओं की दुनिया कितनी निश्छल होती है! लेकिन दुनियावाले इन्हीं भावनाओं की तह में पैठकर हमें छलने का तर्क निकाल लेते हैं। और, ज़िंदगी  का कारोबार तो तर्क से चलता है बंधुवर, भावनाओं से नहीं।और भीऔर भी

काम से काम रखने से ही काम नहीं बनता। हमारे इर्द गिर्द, दुनिया-जहान में बहुत कुछ ऐसा घटित हो रहा होता है जो आज नहीं तो कल हम पर असर डालता है। अपनी ही खोल में मस्त रहने का जमाना नहीं है यह।और भीऔर भी