शुभम् करोति कल्याणम्।। तो, हफ्ते के पहले दिन की शुरुआत सोने के कारोबार से जुड़े कुछ शेयरों से। तीन नाम आपने भेजे हैं। राजीव ने टाइटन इंडस्ट्रीज व गीतांजलि जेम्स का नाम लिया है और सुभाष मिश्रा से सुझाया है श्री गणेश ज्वैलरी का नाम। दो शेयरों के नाम मैं पेश करता हूं – राजेश एक्सपोर्ट्स और मानपपुरम जनरल फाइनेंस एंड लीजिंग (एमजीएफएल)। आज मुख्य रूप से यह देखते हैं कि क्या सोने के भाव के बढ़नेऔरऔर भी

आईपीएल की फ्रैंचाइजी से शरद पवार एंड फेमिली का रिश्ता साबित करना कठिन है, मुश्किल नहीं। लेकिन कुछ ऐसे सच हैं जिनको कभी साबित नहीं किया जा सकता। ऐसा ही एक सच है कि हमारे शेयर बाजारों में बड़े पैमाने पर नेताओं का पैसा लगा हुआ है। और, ऐसा ही एक ताजातरीन सच है कि वित्त मंत्रालय ने लिस्टेड कंपनियों में न्यूनतम 25 फीसदी पब्लिक होल्डिंग का जो नियम बनाया है, उसका एक खास मकसद स्विस बैंकोंऔरऔर भी

जब हम व्यक्ति से लेकर समाज और अंदर से लेकर बाहर की प्रकृति के रिश्तों को तार-तार समझ लेते हैं तो हमारी अवस्था क्षीरसागर में शेषनाग की कुंडली पर लेटे विष्णु जैसी हो जाती है। हम मुक्त हो जाते हैं।और भीऔर भी

सोने का भाव अभी 18,000 से 19,000 रुपए प्रति दस ग्राम के आसपास ऊपर नीचे हो रहा है। भाव बढ़ते हैं, मुनाफावसूली होती है। भाव गिरते हैं, खरीदारी बढ़ती है। भाव फिर बढ़ जाते हैं। लेकिन कभी आपने इस पर गौर किया है कि इस दौरान सोने के कारोबार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों का क्या हाल चल रहा है? नहीं किया है तो कर लीजिए क्योंकि जानकार बताते हैं कि जिंस के भाव और उसके स्टॉकऔरऔर भी

दुनिया में कुछ भी अकारण नहीं। सब नियमबद्ध है। नियम-विरुद्ध होने पर ही दुर्घटनाएं होती हैं। इसलिए इन नियमों को समझना जरूरी है और नियमों को तर्क पर तर्क, सवाल पर सवाल के बिना नहीं समझा जा सकता।और भीऔर भी

शेयर बाजार में अगले कुछ सालों में पब्लिक इश्यू की बाढ़ आ सकती है क्योंकि सरकार ने तय कर दिया है कि किसी भी लिस्टेड कंपनी में पब्लिक होल्डिंग कम से कम 25 फीसदी होनी चाहिए। क्रिसिल इक्विटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस समय शेयर बाजारों में लिस्टेड 179 कंपनियों ऐसी हैं जिनमें पब्लिक होल्डिंग 25 फीसदी से कम हैं। अगर ये कंपनियां अपनी शेयधारिता सरकार की बताई सीमा में लाती हैं तो पूंजी बाजार मेंऔरऔर भी

बीमा नियामक प्राधिकरण, आईआरडीए (इरडा) बीमा उद्योग में व्याप्त मिस-सेलिंग को रोकने के उपाय करने जा रहा है। उसने इसके लिए पॉलिसीधारकों के हितों की सुरक्षा से संबंधित रेगुलेशन, 2002 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसमें सबसे खास बात यह है कि बीमा कंपनी को अपनी पॉलिसी बेचने से पहले निवेशक को कानूनी भाषा की जटिलता से बाहर निकलकर साफ-साफ बताना होगा कि वह कौन सा उत्पाद खरीदने जा रहा है और उसके क्या फायदे नुकसानऔरऔर भी

जी-20 के सम्मेलन तक में दुनिया भारत की ओर देख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति को लगा कि अब भारत के साथ रिश्ते मधुर बनाने का वक्त आ गया है क्योंकि भारत जिस रफ्तार से विकास कर रहा है, उससे वह एक दिन सारी दुनिया का चहेता बन जाएगा और विश्व अर्थव्यवस्था को मंदी से बाहर निकाल सकता है। यह भी बड़ी विचित्र बात है कि निवेशक और ट्रेडर बड़ी आसानी से चीन को किनारे कर रहे हैं।औरऔर भी

अमेरिका के विभिन्न इलाकों में इस समय करीब 115 टाइम बैंक चल रहे हैं और 100 से ज्यादा बनने की प्रक्रिया में हैं। ये को-ऑपरेटिव या कम्युनिटी बैंक की तरह काम करते हैं। ऐसे हर बैंक में सदस्यों की औसत संख्या 15,000 से ज्यादा है। अगर कोई सदस्य किसी दूसरे सदस्य के लिए एक घंटे काम करता है तो उसके खाते में एक टाइम डॉलर क्रेडिट हो जाता है। इसे वह किसी भी दूसरे से एक घंटेऔरऔर भी

पीछे मुड़कर देखने व अफसोस करने की जरूरत नहीं है क्योंकि ज़िंदगी में कभी भी कुछ भी पीछे नहीं छूटता। न खुशियां, न अवसर, न चुनौतियां। वे भेष बदलकर सामने आती रहती हैं। देखिए तो सही, पहचानिए तो सही।और भीऔर भी