कंपनी एक्ट 1956 के अनुसार किसी भी भारतीय कंपनी का विलय विदेशी कंपनी में नहीं हो सकता है। हां, विदेशी कंपनी का विलय भारतीय कंपनी में जरूर हो सकता है। मतलब, कोरस का विलय टाटा स्टील में हो सकता है, टाटा स्टील का कोरस में नहीं। भारती एयरटेल ज़ैन टेलिकॉम से हाथ तो मिला सकती है, उसका अपने में विलय भी कर सकती है। लेकिन वह खुद बड़ी सी बड़ी विदेशी कंपनी में विलीन नहीं हो सकतीऔरऔर भी

देश के सभी नागरिकों को अलग पहचान देने की परियोजना, आधार में किसी भी व्यक्ति के धर्म और जाति का उल्लेख नहीं होगा। इसमें व्यक्ति को उसकी उंगलियों के निशान और आंख की पुतलियों के स्वरूप से पहचाना जाएगा। इस परियोजना की संचालक यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के चेयरमैन नंदन निलेकणी के अनुसार उनकी संस्था देशवासियों के लिए अलग नंबर जारी करेगी, कार्ड नहीं। यह नंबर पूरी जिंदगी के लिए होगा। इसमें व्यक्ति के नाम,औरऔर भी

एलनेट टेक्नोलॉजीज बीएसई और एनएसई दोनों में लिस्टेड है। यह आईटी सॉफ्टवेयर उद्योग की कंपनी है। बाजार की अंदरूनी खबर रखनेवालों का कहना है कि यह शेयर अब नई रेंज में पहुचनेवाला है। मंगलवार को 10 रुपए अंकित मूल्य का यह शेयर बीएसई में 61.80 रुपए और एनएसई में 61.50 रुपए पर बंद हुआ है। एनएसई में पिछले 52 हफ्ते में इसका उच्चतम भाव 76.50 रुपए और न्यूनतम भाव 47 रुपए रहा है। एनएसई में मंगलवार कोऔरऔर भी

देश में वोलैटिलिटी इंडेक्स की शुरुआत के करीब दो साल बाद पूंजी बाजार नियामक संस्था सेबी ने इस इंडेक्स पर आधारित डेरिवेटिव सौदों यानी फ्यूचर व ऑप्शन (एफ एंड ओ) की भी इजाजत दे दी है। लेकिन शर्त यह है कि ऐसा उसी वोलैटिलिटी इंडेक्स में हो सकता है जो कम से कम एक साल से चल रहा हो। अभी वोलैटिलिटी इंडेक्स केवल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ही चला रहा है। इसका नाम इंडिया वीआईएक्स है औरऔरऔर भी

कल मेंने निफ्टी में सबसे बड़ा रोलओवर देखा जो साफ-साफ बताता है कि बाजार अब तेजड़ियों के कब्जे में आ गया है। मानसून का पहलू बाजार को कई तरीके से प्रभावित कर रहा है। अच्छे निवेश के आगम से बाजार अब काफी ऊंचाई तक पहुंचने का रुख कर रहा है। हम वित्त वर्ष 2009-10 को पीछे छोड़ रहे हैं और यकीनन यह शानदार विकास का साक्षी रहा है। अब हम नए वित्त वर्ष 2010-11 में कंपनियों कीऔरऔर भी

यूं तो संसद में पेश किया गया कटौती प्रस्ताव सरकार के लिए काफी खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसके पारित होने पर सरकार गिर सकती है। इसे अनुदान मांगों या किसी प्रस्ताव के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किया जाता है। लेकिन इसकी कामयाबी का सारा दारोमदार लोकसभाध्यक्ष पर है। अगर उन्होंने कटौती प्रस्ताव पर सदन में मतदान की इजाजत नहीं दी तो मूल प्रस्ताव या अनुदान मांगों को ही पारित मान लिया जाता है। मान लिया जाताऔरऔर भी

आज संसद के भीतर और बाहर हंगामे का दिन है। लेफ्ट समेत 13 राजनीतिक पार्टियों से आज महंगाई के खिलाफ भारत बंद बुला रखा है। साथ ही वे संसद के भीतर पेट्रोल, डीजल व उर्वरक की बढ़ाई गई कीमतों को वापस लेने के लिए सरकार के खिलाफ कटौती प्रस्ताव या कट मोशन भी पेश करेंगी। कटौती प्रस्ताव की खासियत यह है कि अगर यह पारित हो गया तो सरकार गिर जाएगी। लेकिन ऐन वक्त पर यूपीए सरकारऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय ने टैक्स रिटर्न भरने का नया फॉर्म सरल-।। जारी कर दिया है। इससे करदाताओं के लिए रिटर्न भरना आसान हो जाएगा। इसमें वे वेतन या ब्याज पर काटे गए टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) का विवरण भी आसानी से भर सकते हैं। यह फॉर्म पेश करने की घोषणा वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वित्त वर्ष 2010-11 के बजट भाषण में की थी। जैसा उन्होंने बताया था, उसी के अनुरूप यह फॉर्म केवल दो पन्नों काऔरऔर भी

देश के सभी बैंक अब जन सेवा केंद्रों (कॉमन सर्विस सेंटर या सीएससी) को अपना बिजनेस करेंसपॉन्डेंट या प्रतिनिधि (बीसी) बना सकते हैं। इस साल 20 अप्रैल को पेश मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक ने कहा था कि मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत बैंक व्यक्तियों की कुछ चुनिंदा श्रेणियों को ही बीसी बना सकते हैं। इस दायरे को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव है कि बैंकों को सीएससी चलानेवाले व्यक्तियों समेत किसी भी बीसी बनाने की इजाजत दे दीऔरऔर भी

एचबी एस्टेट डेवलपर्स हरियाणा की कंपनी है। नाम के अनुरूप इसका धंधा है। सोमवार को इसके शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में न बढ़े, न घटे। 73.30 रुपए तक उठने के बाद आखिर में शुक्रवार के बंद भाव 68.80 रुपए पर ही आकर टिक गए। बाजार में जरबदस्त चर्चा है कि एक जानामाना बड़ा ब्रोकरेज हाउस इसे खरीदने में लगा हुआ है। दूसरे, कुछ ट्रेडर्स ने इसमें शॉर्ट सेलिंग कर रखी है। कल यानी मंगलवार को वे इसेऔरऔर भी