टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) टाटा समूह की कंपनी है। देश में टिन कोटेड व टिन फ्री स्टील शीट की सबसे बड़ी उत्पादक है। घरेलू बाजार में इसकी हिस्सेदारी 35-40 फीसदी है। कंपनी अपना 20-25 फीसदी उत्पादन निर्यात करती है। कोलकाता में इसका मुख्यालय है। फैक्ट्री जमशेदपुर में है। 85 साल पुरानी नामी कंपनी है। कल बीएसई में इसके शेयरों में जबरदस्त कारोबार हुआ 8.35 लाख शेयरों का, जबकि पिछले दो हफ्ते में औसत कारोबार 1.37औरऔर भी

यूं तो बाजार में हर दिन सैकड़ों शेयर बढ़ते हैं। जैसे, बुधवार को एनएसई में ट्रेड हुए 1179 शेयरों में से 724 के भाव बढ़े हैं, जबकि बीएसई में ट्रेड हुए 2897 शेयरों में से 1481 शेयरों ने बढ़त हासिल की है। कोई भी सांख्यिकी या गणित का सामान्य विद्यार्थी बता सकता है कि इनमें से बढ़ने की संभावना वाले दो-चार शेयरों पर सही तीर लग जाने की प्रायिकता कितनी ज्यादा है। जैसे, हम कह सकते हैंऔरऔर भी

इप्का लैब्स का शेयर इसी साल मार्च में स्प्लिट किया गया है और 10 रुपए अंकित मूल्य का शेयर अब 2 रुपए अंकित मूल्य के पांच शेयरों में बंट गया है। 23 मार्च 2010 को रिकॉर्ड तिथि थी। इसके पहले 19 मार्च को बीएसई में शेयर का भाव 1316 रुपए था। अगर इसे पांच से भाग दें तो 2 रुपए अंकित मूल्य पर उसका तत्कालीन भाव 263.20 रुपए निकलता है। इसके बाद 21 मई को यह 233औरऔर भी

पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) और रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कॉरपोरेशन (आरईसी) दोनों सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां हैं। कल गिरते हुए बाजार में भी पीएफसी और आरईसी के शेयर बीएसई में थोड़ा-थोड़ा बढ़कर क्रमशः 294.75 रुपए और 277.90 रुपए पर बंद हुए हैं। एनएसई में पीएफसी का बंद भाव 296.90 रुपए और आरईसी का बंद भाव 277.65 रुपए रहा है। इन दोनों ही शेयरों में एक खास किस्म की चाल नजर आ रही है। पीएफसी ने तो इसी 1 जूनऔरऔर भी

शुभम् करोति कल्याणम्।। तो, हफ्ते के पहले दिन की शुरुआत सोने के कारोबार से जुड़े कुछ शेयरों से। तीन नाम आपने भेजे हैं। राजीव ने टाइटन इंडस्ट्रीज व गीतांजलि जेम्स का नाम लिया है और सुभाष मिश्रा से सुझाया है श्री गणेश ज्वैलरी का नाम। दो शेयरों के नाम मैं पेश करता हूं – राजेश एक्सपोर्ट्स और मानपपुरम जनरल फाइनेंस एंड लीजिंग (एमजीएफएल)। आज मुख्य रूप से यह देखते हैं कि क्या सोने के भाव के बढ़नेऔरऔर भी

सोने का भाव अभी 18,000 से 19,000 रुपए प्रति दस ग्राम के आसपास ऊपर नीचे हो रहा है। भाव बढ़ते हैं, मुनाफावसूली होती है। भाव गिरते हैं, खरीदारी बढ़ती है। भाव फिर बढ़ जाते हैं। लेकिन कभी आपने इस पर गौर किया है कि इस दौरान सोने के कारोबार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों का क्या हाल चल रहा है? नहीं किया है तो कर लीजिए क्योंकि जानकार बताते हैं कि जिंस के भाव और उसके स्टॉकऔरऔर भी

कैल्स रिफाइनरी में कल बीएसई के बी ग्रुप में सबसे ज्यादा शेयरों का कारोबार हुआ। महज 3525 सौदों में उसके करीब 3.45 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ। और, यह सिलसिला अभी से नहीं, हफ्तों से चल रहा है। पिछले दो हफ्ते में हर दिन औसतन उसके 3.92 करोड शेयरों के सौदे हुए हैं। चौंकिए मत, इसके 1 रुपए अंकित मूल्य के शेयर का भाव है 33 पैसे, जी हां मात्र 33 पैसे। आप कहेंगे कि बड़ी घटियाऔरऔर भी

धनुष (Dhanus) टेक्नोलॉजीज चेन्नई की कंपनी है। सॉफ्टवेयर से लेकर बीपीओ और टेलिकॉम सेवाओं से जुड़ा काम करती है। बीएसई व एनएसई दोनों में लिस्टेड है। बीएसई में कल उसके 14,327 शेयरों का एक सौदा हुआ और ये सभी शेयर डिलीवरी के लिए थे। किसी निवेशक ने 62,337 शेयर खरीदने के लिए पहले से 4.98 फीसदी बढ़ाकर 15.81 का भाव लगाया था। बहुत सोच-समझकर यह भाव लगाया गया क्योंकि इस शेयर में सर्किट लिमिट 5 फीसदी कीऔरऔर भी

इधर डॉलर-रुपए की विनिमय दर में तेजी से आ रहे बदलाव के कारण निवेशकों की दिलचस्पी निफ्टी फ्यूचर्स से ज्यादा डॉलर-रुपए के फ्यूचर सौदों में हो गई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार, 2 जून को जहां निफ्टी फ्यूचर्स के 21,20,279 कांट्रैक्ट हुए हैं, वहीं डॉलर-रुपए के फ्यूचर्स में हुए कांट्रैक्ट की संख्या 32,83,341 है। इस तरह बुधवार को निफ्टी फ्यूचर्स की बनिस्बत करीब डेढ़ गुना सौदे विदेशी मुद्रा बाजार में एक्सचेंज परऔरऔर भी

समझ में नहीं आता कि जिस कंपनी के शेयर की बुक वैल्यू 65.78 रुपए हो, जिसने पिछले साल अक्टूबर में शिव नारायण इनवेस्टमेंट्स प्रा. लिमिटेड नाम की फर्म को जारी किए गए 5.60 लाख वारंट इसी 30 मार्च 2010 को 70 रुपए के मूल्य (10 रुपए अंकित मूल्य + 60 रुपए प्रीमियम) पर इतने ही शेयरों में बदले हों, उसके शेयर का भाव 25-30 रुपए कैसे हो सकता है। लेकिन लुधियाना की कंपनी गर्ग फरनेस का सचऔरऔर भी