शिवालिक बाईमेटल कंट्रोल्स का शेयर आज, गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 12.20 फीसदी उछला है। दिन में यह 35.80 रुपए पर भी गया जो इसके 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर जो इसने 27 अप्रैल 2010 को हासिल किया था। वैसे, करीब दो महीने से इसमें इसी तरह ऊपर-नीचे हो रहा है। 5 अप्रैल को जब हमने इसकी चर्चा की थी, तब इसका भाव था 29.95 रुपए। उसी समय बाजार में सुगबुगाहट चल रही थी किऔरऔर भी

भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड, हिंदी में यही नाम है शिंपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड या एससीआई का। बुधवार को करीब 11.30 बजे कंपनी ने एक छोटी सी घोषणा की कि वह 29 मई को होनेवाली निदेशक बोर्ड की बैठक में अपनी अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार कर सकती है। इससे पहले 26 अप्रैल को उसने स्टॉक एक्सचेंजो को सूचित किया था कि वह 29 मई को निदेशक बोर्ड की बैठक में 31 मार्चऔरऔर भी

जिन भी लोगों को पिछले साल अगस्त में सरकारी कंपनी एनएचपीसी के आईपीओ में शेयर मिले होंगे, वे आज रो रहे होंगे क्योंकि 36 रुपए में मिला वह शेयर कल अपने सबसे निचले स्तर 27.60 रुपए पर पहुंच गया। आखिर 23 फीसदी का नुकसान कोई मामूली नहीं होता! लेकिन अचंभा इस बात का है जिस दिन एनएचपीसी के शेयर की यह दुर्गति हुई है, उसी दिन खबर आई है कि वित्त वर्ष 2009-10 में उसने अब तकऔरऔर भी

वैश्विक बाजार के असर से हमारे शेयर बाजार रोज नीचे ही नीचे जा रहे हैं। लेकिन अर्थव्यवस्था के पहलू मजूबत हैं। इसलिए जी एस दामाणी जैसे तेजतर्रार ऑपरेटरों ने अच्छी संभावना वाले शेयरों पर निगाह जमा दी है और वे इनमें हर गिरावट पर अपनी खरीद बढ़ा रहे हैं। बाजार में अंदर की खबर रखनेवालों का कहना है कि ऐसे कुछ संभावनामय शेयर हैं – बॉम्बे डाईंग, सेंचुरी, आइडिया, भारती, टाटा स्टील, स्टरलाइट, आईडीबीआई, एसबीआई, एस्सार ऑयलऔरऔर भी

ऑप्टो सर्किट्स (इंडिया) लिमिटेड सौ फीसदी निर्यातोन्मुख इकाई (ईओयू) है। यह डिजिटल थर्मोमीटर, सेंसर, पल्स ऑक्सीमीटर, पेशेंट मॉनीटरिंग सिस्टम, स्टेंट व कैथेटर जैसे कई हेल्थकेयर उत्पाद बनाती है। उसने 2006 में कार्डिएक स्टेंट बनानेवाली जर्मन कंपनी यूरोकोर का अधिग्रहण किया था। कल ही उसने अपने सालाना नतीजे घोषित किए हैं जिनके मुताबिक वित्त वर्ष 2009-10 में समेकित स्तर पर उसकी शुद्ध बिक्री 32 फीसदी बढ़कर 1077.58 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 23 फीसदी बढ़कर 260.07 करोड़ रुपएऔरऔर भी

जेएसडब्ल्यू स्टील दिल्ली की कंपनी राठी बार्स का अधिग्रहण कर सकती है। बाजार सूत्रों की मानें तो इस डील की घोषणा अगले एक महीने में संभव है। जेएसडब्ल्यू राठी बार्स के लिए प्रति शेयर 35 रुपए का मूल्य देने को तैयार हो गई है क्योंकि इसकी बुक वैल्यू इस समय 37.10 रुपए है। राठी बार्स का शेयर सोमवार को बीएसई में 17.20 रुपए पर बंद हुआ है। लेकिन अधिग्रहण की चर्चाओं के बीच वह 19.30 रुपए तकऔरऔर भी

पेट्रोनेट एलएनजी देश की बहुत खास कंपनी है। इसकी प्रवर्तक चार सरकारी कंपनियां हैं। गैल इंडिया, ओएनजीसी, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम। इन सभी की 12.5-12.5 फीसदी हिस्सेदारी मिलाकर कंपनी में प्रवर्तकों की कुल हिस्सेदारी 50 फीसदी हो जाती है। विदेशी संस्थागत निवेशक जीडीएफ इंटरनेशनल की इसमें 10 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी है तो एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की 5.20 फीसदी। कंपनी में एफआईआई की कुल हिस्सेदारी 10.11 फीसदी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 10649 करोड़औरऔर भी

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की चार कंपनियों – एनटीपीसी, स्टील अथॉरिटी (सेल), इंडियन ऑयल और ओएनजीसी को महारत्न का ओहदा दे दिया है। महारत्न का दर्जा सरकार की उन लिस्टेड कंपनियों को दिया जाता है जिनका औसत सालाना टर्नओवर पिछले तीन सालों के दौरान 25,000 करोड़, शुद्ध लाभ 5000 करोड़ और नेटवर्थ (इक्विटी + फ्री रिजर्व) 25,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो। बता दें कि केंद्र सरकार मार्च 2011 से पहले सावर्जनिक क्षेत्र की कई कंपनियोंऔरऔर भी

नवनीत पब्लिकेशंस का उस नवनीत पत्रिका से कोई वास्ता नहीं है जिसके संपादक विश्वनाथ सचदेवा हैं। यह कंपनी तो स्कूली बच्चों की किताबों के प्रकाशन और स्टेशनरी का व्यवसाय करती है। और, क्या खूब करती है। नवनीत पब्लिकेशंस ने मार्च 2010 में खत्म हुए वित्त वर्ष 2009-10 में 523.31 करोड़ रुपए की बिक्री पर 68.47 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। केवल मार्च 2010 की तिमाही की बात करें तो उसकी बिक्री 100.61 करोड़ व शुद्धऔरऔर भी

यूं तो हमारे शेयर बाजारों में जिन 2500 से ज्यादा कंपनियों में रोज ट्रेडिग होती है, उसमें से मुझे लगता है कि तीन चौथाई निवेश के काबिल हैं। अर्थव्यवस्था की हालत दुरुस्त रही तो लंबे समय में ये सभी अपने शेयरधारकों को फायदा देंगी। लेकिन कभी-कभी कुछ अच्छी खबरें शेयरों को हवा दे देती हैं। जैसे, हमने ठीक सात दिन पहले बर्जर पेंट्स को कुछ सकारात्मक खबरों के आधार पर खरीदने की सिफारिश की थी। तब इसकाऔरऔर भी