तब आईबी की कोई रिपोर्ट नहीं आई थी, न ही किसी घोटाले में उसका नाम आया था। लेकिन रामसरूप इंडस्ट्रीज का शेयर एक महीने के भीतर 115 रुपए से गिरकर 65 रुपए पर आ गया। इसी हफ्ते मंगलवार 7 दिसंबर को खबर आई कि कंपनी 1800 करोड़ रुपए के ऋणों की रीस्ट्रक्चरिंग कर रही है। अचानक उसमें 10.33 लाख शेयरों के सौदे हो गए। लेकिन शेयर गिरकर 27.20 रुपए पर बंद हुआ। कल 9 दिसंबर को जबऔरऔर भी

खबर आ जाती तो अच्छा था। लेकिन यहां तो कानोंकान सुनी और कही गई बातें फैलाई जा रही हैं। कहा गया कि आईबी की रिपोर्ट में रुचि सोया और केएस ऑयल के शेयर-भावों के साथ धांधली की बात है और रुचि सोया को 27 फीसदी व केएस ऑयल को 14.69 फीसदी फटका लग गया। निवेशक घबराए हुए हैं। ऐसे में सेबी को चाहिए कि सामने आकर स्थिति साफ करे कि आईबी की ऐसी कोई रिपोर्ट है किऔरऔर भी

केएस ऑयल्स (बीएसई – 526209, एनएसई – KSOILS) में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है कि उसका शेयर 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाए। लेकिन कल वह 37.80 रुपए की तलहटी पर पहुंचा है तो कुछ तो वजह रही होगी? अपने-आप तो ऐसा नहीं हो सकता? उसमें वोल्यूम भी अच्छा-खासा हुआ है। बीएसई में जहां दो हफ्ते का औसत रोजाना कारोबार 12.64 लाख शेयरों का रहा है, वहीं कल इसके 20.85 लाख शेयरों में सौदेऔरऔर भी

होटल लीला वेंचर्स (बीएसई – 500193, एनएसई – HOTELEELA) का शेयर पिछले एक महीने में 55.60 रुपए से गिरकर साल भर के न्यूनतम स्तर 40.15 रुपए तक जा चुका है। कल यह बीएसई में 45.40 रुपए पर बंद हुआ है। अधिग्रहण के कयासों के बीच इसने 10 अक्टूबर 2010 को 58.70 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर बनाया था। इसका ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस 1.22 रुपए है और इसका शेयर इससे 37.12 गुना (पी/ई) अनुपातऔरऔर भी

एलायड डिजिटल सर्विसेज (बीएसई – 532875, एनएसई – ADSL) इस समय निवेशकों से मुखातिब है। समझाने में लगी है कि उसमें निवेश करना क्यों लाभ का सौदा है। आज ही वह इस सिलसिले में मुंबई में निवेशक दिवस बना रही है। आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन की सेवाएं देने वाली यह ठीकठाक कंपनी है। भारत में 132 जगहों पर मौजूद हैं और अमेरिका में एनप्वाइंटे ग्लोबल सर्विसेज के अधिग्रहण के बाद वहां के 40 से ज्यादा राज्यों में पहुंचऔरऔर भी

सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों को नाममात्र की ट्रेडिंग वाले या इल्लिक्विड हो गए लगभग 1500 शेयरों की एक सूची भेजी है जिसमें म्यूचुअल फंडों की 50 के आसपास क्लोड-एंडेड स्कीमें भी शामिल हैं। यह सूची 1 नवंबर से 30 नवंबर तक हुई ट्रेडिंग के आंकड़ों पर आधारित है और इसे एनएसई, बीएसई व सेबी के बीच बनी समान समझ के आधार पर तैयार किया गया है। आगे से इसी तरह की सूची हर महीने एक्सचेंजों के ट्रेडिंगऔरऔर भी

ट्यूलिप टेलिकॉम (बीएसई – 532691, एनएसई – TULIP) का शेयर इस हफ्ते 173 रुपए से बढ़कर 184 रुपए तक पहुंच चुका है। एचडीएफसी सिक्यूरिटीज की रिसर्च रिपोर्ट को आधार बनाएं तो अगले साल भर में यह 246 रुपए तक जा सकता है। यानी, इसमें 33 फीसदी से ज्यादा बढ़त की गुंजाइश अभी बाकी है। उसने कंपनी की भावी संभावनाओं के आधार पर यह आकलन किया है। कंपनी का अभी तक का आधार भी मजूबत है। उसका ठीकऔरऔर भी

बामर लॉरी एंड कंपनी (बीएसई – 523319, एनएसई – BALMLAWRIE) बड़ी विचित्र कंपनी है। यह सरकारी कंपनी है, लेकिन प्रवर्तक के रूप में न तो भारत सरकार और न ही किसी राज्य सरकार के पास इसके कोई शेयर हैं। इसके सारे के सारे शेयर, पूरी की पूरी 16.29 करोड़ रुपए की इक्विटी पब्लिक के पास है। सरकार इसमें प्रवर्तक नहीं, बल्कि पब्लिक के खाते से अप्रत्यक्ष रूप से शामिल है। असल में इसकी 61.80 फीसदी इक्विटी बामरऔरऔर भी

सुबेक्स लिमिटेड का शेयर 1 अक्टूबर को 52.25 रुपए पर बंद हुआ, 1 नवंबर को 74.40 रुपए पर बंद हुआ और कल 30 नवंबर को भी इसका बंद भाव बीएसई में 74.05 रुपए रहा है। इस तरह एक महीने में 40 फीसदी से ज्यादा की बढ़त हासिल करने के बाद यह पिछले एक महीने से ठहरा हुआ है। हालांकि इस दौरान यह ऊपर में 94.90 रुपए और नीचे में 66 रुपए तक जा चुका है। इस समयऔरऔर भी

नव भारत वेंचर्स का शेयर (बीएसई – 513023, एनएसई – NBVENTURES) कल 295.10 रुपए पर 52 हफ्ते की तलहटी छूने के बाद 302 रुपए पर बंद हुआ है। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 56.64 रुपए है तो निकालिए उसके शेयर का पी/ई अनुपात कितना हुआ? शेयर भाव बटे ईपीएस = 302/56.64 = 5.33। ऊपर से इस शेयर की बुक वैल्यू है 234.06 रुपए। यानी शेयर का भाव बुक वैल्यू से मात्रऔरऔर भी